जयसूर्या : भारत के खिलाफ मानसिक अवरोध नहीं, टीम आगे जा सकती है
दुबई, श्रीलंका के मुख्य कोच सनथ जयसूर्या ने एशिया कप सुपर चार के महज औपचारिकता के मैच में सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम के खिलाफ हार के बाद कहा है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मानसिक अवरोध का शिकार नहीं हुई थी। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शुक्रवार को यहां सुपर ओवर में शानदार गेंदबाजी करके भारत को जीत दिलाई।
श्रीलंका ने सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका के आक्रामक शतक की मदद से भारत के 202 रन के स्कोर की बराबरी की।पूर्व दिग्गज क्रिकेटर जयसूर्या ने कहा कि वह अपने खिलाड़ियों से काफी संतुष्ट हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि टूर्नामेंट में श्रीलंका के तीनों सुपर चार मैच हारने के बावजूद यह टीम बहुत आगे तक जा सकती है।
जयसूर्या का बयान : भारत के खिलाफ सुपर ओवर में हार का विश्लेषण
मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में जयसूर्या ने कहा कि मैं मैच को नियमित समय में खत्म करना पसंद करता। कोई भी कप्तान या कोच सुपर ओवर में नहीं जाना चाहता। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से दासुन (शनाका) तीसरा रन पूरा करने से चूक गए। लेकिन भारत के खिलाफ कोई मानसिक अवरोध नहीं था। हमारा बल्लेबाजी क्रम मजबूत है और हमने उन्हें आत्मविश्वास दिया।
200 (203) के लक्ष्य का पीछा करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन हमने इसे लगभग हासिल कर ही लिया था जो हमारी क्षमता को दर्शाता है। श्रीलंका को 2024 में पाल्लेकल में तीसरे टी20 मैच के दौरान भी इसी तरह की हार का सामना करना पड़ा था जब आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम को भारत के खिलाफ सुपर ओवर में शिकस्त झेलनी पड़ी।
जयसूर्या की तारीफ: निसांका और कुसाल की शानदार साझेदारी
जयसूर्या ने निसांका (107) और कुसाल परेरा (32 गेंद में 58 रन) की तारीफ की जिन्होंने दूसरे विकेट की साझेदारी ने सिर्फ 70 गेंद में 127 रन बनाए। उन्होंने कहा कि जब आप 202 रन (203) का पीछा कर रहे हो तो आपको लगातार बाउंड्री लगानी होती हैं। उनकी साझेदारी अहम थी। जब हमने विकेट गंवाने शुरू किए तो लय बिगड़ गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐसा होना स्वाभाविक है क्योंकि किसी को तो जोखिम उठाना ही पड़ता है।
जयसूर्या ने कहा कि दुर्भाग्य से पथुम गलत समय पर आउट हो गए और बाद में गेंद अधिक टर्न लेने लगी। फिर भी यह क्रिकेट का एक बहुत अच्छा मैच था। उन्होंने कहा कि कुसाल हमारी टीम में स्पिन के खिलाफ सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने यह भूमिका फिर से बखूबी निभाई।
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हालांकि मैं चाहता था कि वह अधिक समय तक बल्लेबाजी करें। दोनों ने सोच-समझकर जोखिम उठाए और जब उन्हें बाउंड्री चाहिए थीं तो वे ऐसा करने में सफल रहे। जयसूर्या ने कहा कि पथुम को हाल ही में पैर की मांसपेशियों में चोट की समस्या का सामना करना पड़ा लेकिन फिर भी उन्होंने टीम के लिए पूरा जोर लगाया जो उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। (भाषा)
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