हैदराबाद : प्रताड़ना के चलते कॉलोनी अध्यक्ष ने खुदकुशी की
हैदराबाद, नगर के सीमांत क्षेत्र हयातनगर थाना परिधि में कॉलोनी के पूर्व अध्यक्ष और उसके अनुचरों व स्थानीय पुलिस की कथित प्रताड़ना के चलते लक्ष्मी प्रिया कॉलोनी, हयातनगर के अध्यक्ष दुडिगम मधुसूदन (49) ने बुधवार सुबह अपने घर में फाँसी लगा ली। फाँसी लगाने से पूर्व मधुसूदन ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या के लिए कॉलोनी के पूर्व अध्यक्ष बोडा यादगिरी गौड़, उसके भाई बोडा रमणा और उनके अनुचरों समेत स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।
पुलिस व स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूलत नूतनकल सूर्यापेट निवासी एवं पेशे से कार चालक दुडिगम मधुसूदन कुछ वर्ष पूर्व अपनी पत्नी विनोदा, पुत्री इंदू और पुत्र साई के साथ हैदराबाद आकर लक्ष्मीप्रिया कॉलोनी, हयातनगर में रह रहा था।
कॉलोनी के चुनाव में मधुसूदन अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुआ। कॉलोनी के पूर्व अध्यक्ष बोडा यादगिरी गौड़ के साथ कॉलोनी के असोसिएशन से संबंधित वित्तीय मामलों को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के चलते यादगिरी गौड़ ने वित्तीय मामले को निपटाने के लिए एक लाख रुपये का चेक मधुसूदन को दिया। इसके बाद यादगिरी गौड़ ने गत 16 मार्च को हयातनगर पुलिस थाने में मधुसूदन और गणेश के खिलाफ शिकयत की और बताया कि दोनों ने जालसाजी कर उसके द्वारा दिए गए एक लाख रुपये के चेक को 9 लाख रुपये में बदलकर उसके बैंक खाते से 9 लाख रुपये निकाल लिए।
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सेल फोन लोकेशन के आधार पर आत्माकूर से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया और शिकायत के कुछ दिन बाद मधुसूदन को उसके सेलफोन की लोकेशन के आधार पर सूर्यापेट के आत्माकूर से गिरफ्तार कर लिया। मधुसूदन आत्माकूर में अपने रिश्तेदार के विवाह समारोह में भाग लेने के लिए गया हुआ था। मधुसूदन और गणेश को गत 10 अप्रैल को जमानत प्राप्त हुई। इसके बाद मधुसूदन और गणेश के परिवार ने आरोप लगाया कि यादगिरी गौड़ और उसका भाई रमणा अपने अनुचरों के साथ मिलकर पुलिस के सहयोग से उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे। प्रताड़ना के चलते कल देर रात मधुसूदन ने अपने कमरे में फाँसी लगा ली।
फाँसी लगाने से पूर्व उसने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए यादगिरी गौड़ और उसके भाई रमणा और उनके अनुचरों को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना को लेकर विरोध जताते हुए मधुसूदन के परिजन और रिश्तेदारों ने यादगिरी गौड़ के घर के सामने धरना देकर हंगामा किया। जानकारी मिलने पर हयातनगर पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मीनारायण ने घटनास्थल पर जाकर छानबीन की और धरना दे रहे परिजनों और रिश्तेदारों को समझा-बुझाकर मधुसूदन के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए उस्मानिया अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया। मधुसूदन की पत्नी विनोदा की शिकायत पर हयातनगर पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
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