आरक्षण के लिए न्यायिक लड़ाई लड़े सराकर : कविता
हैदराबाद, तेलंगाना जागृति की संस्थापक व विधान परिषद सदस्य कल्वाकुंट्ला कविता ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार से मांग करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण देते हुए राज्य विधानसभा व विधान परिषद में पारित बीसी बिल को गत 6 महीने से कोल्ड स्टोरेज में रखने वाली केंद्र सरकार व राष्ट्रपति के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट की शरण लेकर न्यायिक लड़ाई लड़े।
एमएलसी कविता ने कहा कि राज्य के पिछड़ा वर्ग को स्थानीय निकाय में 42 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण के साथ ही शिक्षा व रोजगार में 42 प्रतिशत आरक्षण देते हुए विधानसभा व विधान परिषद में बिल पारित करके 6 महीने हो चुके हैं और दोनों बिलों को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी अभी तक नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि बिल को कानूनी जामा पहनाने के लिए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार ने कोई प्रयत्न नहीं किए।
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कविता ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में ही काफी देर हो चुकी है सरकार तुरंत ही सुप्रीम कोर्ट में पिटिशन दाखिल करे। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति आज शनिवार सुबह 8.30 बजे प्राप्त हुई है। उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा व विधान परिषद के पारित बीसी बिल को राष्ट्रपति के पास तथा संशोधन बिल राज्यपाल के पास लंबित होने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने सरकारी आदेश संख्या 9 जारी किया, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है।
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