मनमर्जी से बयान न दें नेता : मल्लिकार्जुन खड़गे
हैदराबाद, एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी नेताओं को मर्जी से बयानबाजी न करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नेताओं को पार्टी के नियमों का अनिवार्य पालन करना होगा और एकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने और नये नेताओं के बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने पीसीसी को आदेश दिया कि सभी समितियों की नियुक्तियाँ शीघ्र पूरा करें।



गांधी भवन में आज पीसीसी राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक और पीसीसी कार्यसमिति की विस्तृत बैठक हुई। बैठकों में एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, सीएम रेवंत रेड्डी, डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का, कांग्रेस मामलों की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन, पीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मंत्री, सांसद, विधायक और मुख्य नेताओं ने भाग लिया। अवसर पर कांग्रेस पार्टी की संस्थागत मामले, जुबली हिल्स उपचुनाव, स्थानीय चुनाव, जाति जनगणना, एससी वर्गीकरण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
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कांग्रेस नेताओं को अनुशासन और एकता का निर्देश
जय बापू-जय भीम-जय संविधान कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श हुआ। अवसर पर खड़गे ने कहा कि कांग्रेस इतिहास में एकमात्र ऐसी पार्टी के रूप में जानी जाएगी, जो घोषणा-पत्र में किए गए वादों को लागू करती है। उन्होंने पीसीसी को पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करने वाले नेताओं को पद देने को कहा। साथ ही नेताओं को दिए गए पदों का सही उपयोग करने का सुझाव दिया।



खड़गे ने शीघ्र ही होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जानी चाहिए और न ही विपक्ष को कोई मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कुछ समस्या है, तो केवल आंतरिक बैठकों में ही बोलें। उन्होंने कहा कि 50 साल पहले हुए आपातकाल की बात करने वाले भाजपा नेता अपने 11 साल के शासन के दौरान आपातकाल की स्थिति के बारे में कोई बात नहीं कर रहे है।
राजनीति में काम करने वाले ही बढ़ेंगे आगे : रेवंत रेड्डी
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि पार्टी के पदों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। पार्टी के पद ही पहचान और सम्मान दिलाते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए यह उपयोगी होगा। उन्होंने याद दिलाया कि युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और पार्टी के कई जिला अध्यक्षों को सरकार में पद दिए गए हैं। इसलिए पार्टी के पदों को हल्के में न लें। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विधानसभा और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ने वाली है।

निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्विभाजन, महिला आरक्षण और एक देश-एक चुनाव प्रभावित होने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2029 के चुनावों को नए नेतृत्व का मंच बनाने का आह्वान किया। उन्होंने पार्टी नेताओं को सलाह दी कि यदि आप एक नेता के रूप में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो आपको अभी से कड़ी मेहनत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें गाँवों में जाकर क्षेत्र स्तर का दौरा करना चाहिए। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरी बार सत्ता में लाने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। इसके लिए हम सभी को आज से ही मिलकर योजनाएँ बनानी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस अगले दस वर्षों तक राज्य में सत्ता में बनी रहेगी।
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