तेलंगाना में भीषण गर्मी और लू से बचाव हेतु मंत्री ने जारी किए निर्देश
हैदराबाद, राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने अधिकारियों को राज्य में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और लू से लोगों को बचाने की जिम्मेदारी सरकार की है।
मंत्री ने आज सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों साथ मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनजर उठाए जाने वाले कदमों पर समीक्षा बैठक की। मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस वर्ष-2025 में अत्यधिक धूप और लू चलने की संभावना है तथा जून तक उच्च तापमान जारी रहेगा।
तेलंगाना हीटवेव एक्शन प्लान-2025 के तहत होंगे ठोस उपाय
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने संयुक्त रूप से व्यापक तेलंगाना राज्य हीटवेव एक्शन प्लान-2025 तैयार किया है और इसके तहत प्रत्येक जिले के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि उच्च तापमान और गर्म लहरों को देखते हुए जनता को जगह जगह पर पीने के पानी के साथ ओआरएस और छाछ के पैकेट की आपूर्ति की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा की विभिन्न कंपनियां सीएसआर के तहत इन की आपूर्ति करें।
उन्होंने मुख्यतः हैदराबाद, वरंगल, खम्मम, महबूबनगर, निज़ामाबाद, कोत्तागुडेम, मेदक, करीमनगर आदि शहरी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 612 मंडलों में से 588 को हीटवेव प्रभावित क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है।
गर्मी से सुरक्षा के लिए पानी, ओआरएस, और जागरूकता पर जोर
साथ ही जोड़ा कि लू के प्रकोप से मरने वालों के परिजनों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को 50 हजार से बढ़ाकर चार लाख कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए जाने चाहिए कि लू का प्रभाव आम लोगों पर न पड़े, लेकिन यदि किसी की अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण मृत्यु हो भी जाती है, तो उनके साथ मानवीय व्यवहार करने तथा तत्काल मुआवजा राशि प्रदान करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को गर्मी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर जनता में जागरूकता लाने के लिए कदम उठाने के आदेश दिया। अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा रखरखाव, सार्वजनिक स्वास्थ्य केन्द्रों और अस्पतालों को ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
गर्मी से सुरक्षा के लिए पानी, ओआरएस, और जागरूकता पर जोर
इसी प्रकार, उन्होंने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग अधिकारियों से कहा कि वह उद्योगों को निर्देश दे कि वे गर्म क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को दो समूहों में विभाजित करके रोटेशन प्रणाली अपनाएं तथा उन्हें कम से कम एक या दो घंटे का आराम दें।
उन्होंने श्रम कल्याण विभाग अधिकारियों को यह सलाह दिया की वह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन श्रमिकों के लिए आवश्यक आराम, पेयजल, ओआरएस पैकेट जैसी सुविधाओं उपलब्ध करने पर ध्यान केंद्रित करे।
उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय निकायों और नगर पालिकाओं को पब्लिक एड्रेस सिस्टम व एलईडी स्क्रीनों द्वारा बस स्टैंड, मार्केट, पर्यटन केंद्रों और पूजा स्थलों जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर जनता में जागरूकता लानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पक्षियों और आवारा पशुओं के लिए विशेषकर पार्कों में पानी उपलब्ध की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने पंचायती व ग्रामीण विकास विभाग द्वारा लोगों को क्लोरिनेटेड पेयजल की आपूर्ति करने तथा आवश्यक क्षेत्रों में टैंकरों भेजने के आदेश दिया।
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