शिक्षा मंत्रालय ने की “बालपन की कविता पहल” की नई पहल

शिक्षा मंत्रालय की नई पहल: भारतीय संदर्भ में नर्सरी कविताएँ
बालपन की कविता पहल का उद्देश्य
नई दिल्ली, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत, शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसई एंड एल) ने “बालपन की कविता पहल: छोटे बच्चों के लिए भारतीय कविताओं को पुनर्स्थापित करना” शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य छोटे बच्चों को उनकी मातृभाषा में आकर्षक और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक कविताओं के माध्यम से सीखने में मदद करना है। यह पहल सभी भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में नर्सरी कविताओं का एक समृद्ध संग्रह तैयार करने पर केंद्रित है, जिससे बच्चे अपनी प्रारंभिक शिक्षा को अधिक आनंददायक बना सकें।
प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका
इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए, डीओएसई एंड एल ने मायगॉव के सहयोग से एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की है। इसमें प्री-प्राइमरी (3-6 वर्ष), ग्रेड 1 (6-7 वर्ष), और ग्रेड 2 (7-8 वर्ष) के लिए मौजूदा लोकसाहित्य की कविताएँ या नई रचित कविताएँ भेजी जा सकती हैं। प्रविष्टियाँ 26 मार्च 2025 से 22 अप्रैल 2025 तक मायगॉव वेबसाइट पर स्वीकार की जाएंगी। यह प्रतियोगिता सभी भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में खुली है, और इसमें भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। भारतीय संदर्भ में सांस्कृतिक महत्व रखती हैं। वेबसाइट (https://www.mygov.in/) पर शुरू हो रही है। ( PIB)
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