बजट में नजरअंदाज नहीं किया कोई परिवार : उप मुख्यमंत्री
हैदराबाद, विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा चर्चा के बाद विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बजट विनियोग विधेयक पारित किया गया। इसके साथ ही विधानसभा का यह सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया। इस पर चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि राज्य में कोई भी गरीब बेघर न रहे, इस लक्ष्य के साथ सरकार 22,500 करोड़ की लागत से आवास निर्माण कर रही है और प्रत्येक घर के लिए 5 लाख की सहायता दी जा रही है। इंदिरम्मा आवास योजना के बिलों का साप्ताहिक निपटारा किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि हैदराबाद मेट्रो रेल को देश के लिए आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि शहर में बढ़ते यातायात को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से पुराने शहर में मेट्रो कार्यों में तेजी लाने के लिए समय पर भुगतान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हैदराबाद देश का सबसे तेजी से विकसित होने वाला शहर है और सरकार मूसी नदी, चारमीनार, बिरला मंदिर, गोलकोंडा किला और लाड़ बाज़ार को प्रमुख पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं होगी।
साथ ही अंबरपेट मूसारामबाग पुल और नलगोंडा क्रॉसरोड्स पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। कौशल विकास, आधुनिक तकनीकी केंद्र और विदेशी रोजगार के लिए प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हैदराबाद वैश्विक निवेश का केंद्र बनता जा रहा है और यहां की कुशल मानव शक्ति विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रही है।
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प्रमुख नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से मूसी नदी शुद्ध होगी
भट्टी ने आगे कहा कि प्रमुख नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे केवल शुद्ध जल ही मूसी नदी में छोड़ा जाएगा। पुराने शहर में भूमिगत विद्युत व्यवस्था विकसित करने की योजना है। सड़कों पर बाधा बने बिजली के खंभों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत 3,000 करोड़ की लंबित राशि राज्य सरकार ने जारी कर दी है और उपयोग प्रमाण पत्र भी लंबित नहीं रखे गए हैं।
रोजगार गारंटी योजना में केंद्र द्वारा वित्तीय हिस्सेदारी घटाने से राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है, जिसके विरोध में प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। राज्य वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए राजकोषीय घाटा 2.8 प्रतिशत पर नियंत्रित कर रहा है, जबकि केंद्र ने 3 प्रतिशत की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि यह जनता का बजट है, जिसमें राज्य के किसी भी परिवार को नजरअंदाज नहीं किया गया है।
भट्टी ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास, कृषि, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। तेलंगाना में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां देश की विकास दर लगभग 8 प्रतिशत है, वहीं तेलंगाना ने 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है। उन्होंने कहा कि सरकार 2047 तक तेलंगाना को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
सरकार क्योर, प्योर, रेर नीति के तहत योजनाबद्ध तरीके से जीडीपी बढ़ाने पर कार्य कर रही है। स्टार्टअप कंपनियों को प्रोत्साहन देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं और बुनियादी ढांचे का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं।
ओमकारेश्वर मंदिर पुनर्निर्माण के लिए 700 करोड़ का बजट
ओमकारेश्वर मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए 700 करोड़, भद्राचलम मंदिर के विकास और पुष्कर घाट निर्माण के लिए 351 करोड़ तथा गोदावरी पुष्कारालू के भव्य आयोजन के लिए 500 करोड़ आवंटित किए गए हैं। प्राणहिता-चेवेला परियोजना के पुनडिजाइन के कारण आदिलाबाद को पानी नहीं मिल सका, लेकिन सरकार इस जिले को पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र-राज्य संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना का वादा किया गया था, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आंध्र प्रदेश की पोलावरम परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा दिया, जबकि तेलंगाना को यह सुविधा नहीं मिली। उन्होंने भाजपा से इस मुद्दे पर केंद्र से पहल करने का आग्रह किया। साथ ही जोड़ा कि राज्य सरकार सहकारी संघवाद की भावना के साथ केंद्र से लगातार संपर्क में है और राज्य के हितों को सर्वोपरि रख रही है। उन्होंने कहा कि खाद्य मिलावट को गंभीरता से लिया गया है और इसे रोकने के लिए कड़े कानून व प्रभावी तंत्र स्थापित करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।
इससे पूर्व भाजपा के महेश्वर रेड्डी, मजलिस के अहमद बलाला, भाकपा के के. सांबशिव राव तथा अन्य सदस्यों ने अपने विचार रखे। विशेष रूप से बलाला ने पुराने शहर को विशेष पैकेज पर जोर दिया, जबकि महेश्वर रेड्डी ने बजट की वास्तविकता पर प्रश्न उठाए। बजट विनियोग विधेयक तेलंगाना विधान परिषद में भी चर्चा के बाद मंज़ूर किया गया।
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