मोटापे की चुनौती से निपटने हेतु निम्स में ओबेसिटी क्लीनिक स्थापित
हैदराबाद, निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग द्वारा मोटापे की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए विशेष ओबेसिटी क्लीनिक स्थापित किया गया। इस सुविधा का उद्देश्य मोटापे और संबंधित चयापचय विकारों से पीड़ित व्यक्तियों को वैज्ञानिक, साक्ष्य-आधारित तथा संबंधित बहु-विषयक देखभाल प्रदान करना है। यह क्लीनिक सोमवार से शनिवार तक सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक निम्स की पुरानी इमारत के कमरा नंबर 36 में संचालित किया जाएगा।
निम्स के निदेशक प्रो. एन. बीरप्पा ने आज ओबेसिटी क्लीनिक का उद्घाटन करते हुए इस पहल को जन स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि क्लीनिक की स्थापना का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समुदाय में मोटापे के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शुरुआती दौर में ही समस्या की पहचान करने और एक सुदृढ़ चिकित्सा ढाँचा तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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भेदभाव के कारण मरीज उपचार से कर रहे परहेज
एंडोक्रिनोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. बीट्राइस एनी ने कहा कि मोटापे का उपचार पूरी तरह वैज्ञानिक होने के साथ सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। अक्सर समाज में मोटापे को लेकर व्याप्त भेदभाव और पक्षपातपूर्ण व्यवहार के कारण प्रभावित व्यक्ति समय पर चिकित्सीय सलाह लेने से कतराते हैं। इसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस कड़ी में यह ओबेसिटी क्लीनिक मरीजों को गरिमापूर्ण वातावरण में उपचार उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
अवसर पर बताया गया कि मोटापा वर्तमान में एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। इसका प्रभाव वयस्कों के साथ बच्चों और किशोरों पर भी तेजी से बढ़ रहा है। द लांसेट के हालिया आँकड़ों के अनुसार, भारत में 2050 तक लगभग एक-तिहाई आबादी के मोटापे की चपेट में आने का अनुमान है। मोटापा केवल वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टाइप टू डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, फैटी लीवर, हृदय रोगों जैसी गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन रहा है।
इन चुनौतियों का सामना करने के लिए एक व्यापक और बहु विषयक चिकित्सा दृष्टिकोण की आवश्यकता है। निम्स का यह क्लीनिक इसी दिशा में एक प्रभावी पहल है। यहाँ व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने हेतु एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, आहार विशेषज्ञों एवं फिजियोथेरेपिस्टों को सम्मिलित करते हुए बहु विषयक चिकित्सा प्रणाली अपनाई जाएगी।
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