पधारो म्हारे देश, निवेश के लिए भजनलाल का आह्वान

हैदराबाद, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों को पधारो म्हारे देश का आह्वान करते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रवासी राजस्थानी तेलंगाना को अपनी कर्म भूमि बनाकर आर्थिक रूप से मजबूत कर रहे हैं, वैसे ही मातृभूमि की ओर ध्यान देते हुए वहाँ पर अवसरों के आधार पर कोई न कोई यूनिट लगाकर निवेश करें। निवेश के लिए राजस्थान की उद्योग नीति पारदर्शी व सभी के लिए अनुकूल और सरल है। उन्होंने आगामी 23 से 25 मई तक जयपुर में होने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम 2026) में पधारने का आह्वान किया।

बंजारा हिल्स स्थित पार्क हयात में कृषि विभाग, राजस्थानी सरकार, राजस्थान फाउंडेशन व फिक्की के तत्वावधान में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम 2026) के अतंर्गत हैदराबाद इन्वेस्टर मीट को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कृषि का संबंध कई विभागों से है। वह एक दूसरे के पूरक हैं। इसलिए राजस्थान में कृषि के साथ अन्य विभाग को जोड़ते हुए क्लस्टर बनाया गया है।

कृषि के साथ पंचायत, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी, जल संसाधन, ऊर्जा विभाग जोड़े गए हैं। जो खेती करता है, वही पशुपालन भी करता है। सहकारिता से आर्थिक सहयोग मिलता है। ऊर्जा विभाग किसान के लिए प्रमुख है। उन्होंने कहा कि 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम-2026) का आयोजन किया जाएगा। हैदराबाद में प्रवासी राजस्थानी हैं, जिनका सहयोग चाहते हैं।

यह महत्वपूर्ण रोड शो है। हैदराबाद विश्व का सबसे बड़ा आईटी हब है और साइबराबाद के तौर पर अपनी पहचान बना चुका है। यहाँ तकनीकी, कृषि, नवाचार सुविधा एक साथ मिलकर विकास के आयाम स्थापित कर रहे हैं । हैदराबाद में एग्री इनोवेशन जैसे एग्री स्टार्टअप, ड्रोन टेक्नोलॉजी, कृषि फार्मिंग, फूड प्रोसेसिंग देश को दिशा देने का कार्य कर रहा है।

कम पानी वाली फसलों पर शोध को बढ़ावा

हैदराबाद का इक्रीसेट सूखे क्षेत्रों के लिए फसल अनुसंधान का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। बाजरा, दाल एवं कम पानी रोकने वाली फसलों पर महत्वपूर्ण शोध हो रहा है, जो राजस्थान के लिए बहुत जरूरी है। राजस्थान में बारिश कम होती थी, लेकिन पिछले दो वर्ष से अच्छी बारिश हो रही है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में पानी की बड़ी योजना चल रही है। पिछले सवा दो साल में सरकार ने पानी के क्षेत्र में बड़ा कार्य किया है। रोड मैप के माध्यम से राजस्थान को आगे बढ़ा रहे हैं। किसान उद्योग को 24 घंटें बिजली देंगे। ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे। किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बन रहा है।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि उत्पादन को बढ़ाने का मजबूत आधार है कृषि और कृषि से प्रौद्योगिकी विकास, मूल्य वर्धक उत्पाद पर ध्यान दे रहे हैं। हैदराबाद के कृषि क्षेत्र के जो मॉडल चल रहे हैं, उसे राजस्थान में लागू किये जाने की आवश्कता है। इसलिए इक्रीसेट से समझौते भी किये गये हैं। विश्वास है हैदराबाद से सहयोग मिलेगा। राजस्थान में बीज उत्पादन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, एग्रो प्रोसेसिंग के बड़े हब विकसित करना चाहते हैं।

प्रवासी राजस्थानियों ने हैदराबाद को कर्मभूमि बनाया है। आज भी मारवाड़ी समाज हैदराबाद संस्कृति का हिस्सा है। मारवाड़ी की खासियत है कि जहाँ भी कर्म भूमि होती है, वहाँ लोगों के साथ मिलकर भाइचारे के साथ कार्य करते हैं। वह मातृभूमि की भी चिंता करता है। इसके अलावा मारवाड़ी की खासियत यह है कि वह सामाजिक सरोकार से जुड़कर कार्य करता है। मानव सेवा ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी की भी सेवा करता है। वह अपनी मेहनत से स्थान बनाता है। उन्होंने कहा कि सभी का मातृभूमि के प्रति भाव है, इसलिए साल में एक या दो बार मातृभूमि में किसी न किसी तरह आना पड़ता है।

उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित माहौल का दावा

चाहे रिश्तेदारी में या पर्यटन या मंदिरों के दर्शन करने हो। राजस्थान में यदि आपका उद्योग भी होगा, तो उसकी देखभाल भी होगी और भगवान के दर्शन भी होंगे। आपकी एक दो यूनिट यहाँ है, तो राजस्थान में भी एक यूनिट लगाएँ। राजस्थान सरकार नई तकनीक, नये विचारों के आधार पर सभी से कहती है पधारो म्हारे देश। राजस्थान में सभी निवेशकों का स्वागत है।

विशिष्ठ अतिथि राजस्थान के पशुपालन डेयरी एवं गौपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान के विकास पुरुष हैं, जिन्होंने सवा दो साल में राजस्थान में किसानों को मजबूत करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ग्राम-2026 के लिए रोड शो दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद के बाद आज हैदराबाद में हुआ। निश्चित रूप से कार्यक्रम राजस्थान के प्रवासी व विभिन्न क्षेत्र के उद्योगपतियों को आने के लिए निवेश करने की प्रेरणा देगा।

सम्मेलन से कार्यों को कैसे मजबूत करें, संसाधन, किसानों एवं पशुपालन को कैसे विकसित करें, इस पर कार्य होगा। नई तकनीक से कृषि का विकास, जैविक खेती, बागवानी में नवाचार, बदलते परिवेश में आईटी और एआई के नवाचारों को किसानों से कैसे अवगत करवाएँ, इन सभी के लिए यह मंच होगा। उन्होंने कहा कि हर कोई पहले ग्राम से ही ज्यादा पूँजी लेकर नहीं आया।

तेलंगाना में प्रवासी राजस्थानी की सफलता

यहाँ आकर परिचय किया और लोगों से संपर्क कर व्यवसाय शुरू किया, फिर आर्थिक साम्राज्य स्थापित किया। सभी कर्म भूमि तेलंगाना को मजबूत कर रहे हैं, लेकिन राजस्थान के सीएम स्वयं यहाँ आये हैं, इसलिए सहयोग करें। कर्म भूमि के साथ मातृ भूमि व जन्म भूमि को न भूलें। राजस्थान में आकर व्यवसाय करें। राजस्थान में कृषि क्षेत्र के साथ पशुपालन व पर्यटन क्षेत्र भी है। राजस्थान पर्यटन का सबसे बड़ा हब है। ऐतिहासिक धरोहर, ऐतिहासिक मंदिर हैं। मंदिरों के क्षेत्र में संभावनाएँ हैं।

विशिष्ठ अतिथि राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार ने कहा कि रोड शो को जो समर्थन मिल रहा है, उसके लिए आभार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत में महत्वपूर्ण भूमिका देश के किसानों की होगी। देश का किसान विकसित नहीं होगा, तब तक विकसित भारत की बात करना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस बात को समझा और दो सालों में राजस्थान के किसानों के लिए कई कार्य किए।

राजस्थान के बड़े क्षेत्र में रेगिस्तान है, कुछ क्षेत्रों में बारिश की कमी है, उन्हें ध्यान में रखते हुए किसानों को खेती के लिए पानी की व्यवस्था की। यह सभी के सामने है। अनेक तरीके से किसानों के लिए पानी की व्यवस्था कर किसानों की पैदावार के लिए पानी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में दो सालों में कार्य किया। सोलर एनर्जी से बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हुए हैं। किसान को दिन में बिजली की व्यवस्था की, ताकि सर्दी में किसी प्रकार सुबह पानी देने के लिए समस्या न हो।

24 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति का विस्तार

24 जिलों को दिन में बिजली देने का कार्य किया। राजस्थान में आज 75 लाख किसानों को 9000 किसान सम्मान निधि के तौर पर मिल रहैं हैं। इसी प्रकार अन्य सहयोग देकर किसानों को मजबूत किया जा रहा है। राजस्थान के उद्योग विभाग की प्रधान सचिव मंजू राजपूत ने सभी का स्वागत करते हुए ग्राम 2026 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रोड शो के दौरान इक्रीसेट, एनआईआरडी से समझौते किये गये हैं। इनके द्वारा चलाये जा रहे कार्यों से राजस्थान का विकास किया जाएगा। साथ ही कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाया जाएगा।

इक्रीसेट के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने कहा कि इक्रीसेट प्रमुख रूप से ऐसे क्षेत्रों में कृषि के लिए कार्य करता है, जो शुष्क या कम पानी वाले होते हैं। इनमें प्रमुख रूप से राजस्थान के मसालों, बाजरा, मिलेट्स आदि को अधिक विकसित किया जा सकता है। इक्रीसेट ने इसके लिए राजस्थान सरकार से समझौता किया है, ताकि राज्य की भूमि का उपयोग अधिक से अधिक कर किसानों को लाभ पहुँचाया जा सके।

कार्तिकेय फार्मा प्राइवेट लिमिटेड की प्रबंध निदेशक भगवती बल्दवा ने कहा कि विदेशों की चमक और दौलत की खनक किसको आकर्षित नहीं करती, लेकिन असली सुकून तो जड़ों से मिलकर ही मिलता है। आज ग्लोबल समिट के माध्यम से राजस्थान से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व उनकी टीम का विशेष रूप से आभार। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार मेडिसिनल प्लांट के लिए 5000 एकड़ जमीन अगर किसी तरह मुहैया कराएगी, तो इसके प्रति जागरुकता बढ़ाई जाएगी और किसानों की खुशहाली के लिए कार्य करेंगे।

राजस्थान में निवेश के लिए अनुकूल माहौल

प्रधानमंत्री का किसान को समृद्ध बनाने का विजन 2047 तक पूर्ण होगा। फार्मिक फार्मा जिस प्रकार तेलंगाना में है, उसी तरह एक्सपेशन राजस्थान में निवेश के लिए है। राजस्थान में निवेश के लिए अच्छा नेतृत्व, तीव्र निर्णय, सिंगल विंडो सिस्टम, फ्रेंडली वातावरण है। राजस्थान फाउंडेशन हैदराबाद चैप्टर के अध्यक्ष पवन बंसल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान जन्म भूमि नहीं संस्कृति परंपरा का जीवन प्रतीक है।

राजस्थान के प्रति स्नेह एवं आत्मिक भाव सदैव रहेगा। आज का अवसर औपचारिक सभा नहीं, बल्कि विजन मीटिंग है। राजस्थान की मिट्टी से जुड़े लोग विभिन्न क्षेत्रों में सफल होने के बाद अब राजस्थान में योगदान देने के लिए एकत्र हुए हैं। राजस्थान फाउंडेशन केवल संगठन नहीं, मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता और यश से यह एक ग्लोबल फैमिली के रूप में उभरा है। इसमें सात समुन्दर पार देश के कोने-कोने से प्रवासी राजस्थानी मातृभूमि की मिट्टी से जुड़े हैं।

इसी प्रकार राजस्थान और तेलंगाना के बीच मजबूत कल्चर एवं आर्थिक रूप से सहभागिता निभाएँगे। हमारा उद्देश्य केवल नेटवर्किंग नहीं, बल्कि पार्टनरशीप के साथ विकास कर राजस्थान व देश को प्रगति के पथ पर ले जाना है। राजस्थान केवल ऐतिहासिक प्रदेश नहीं, आज तकनीकी और विकास के क्षेत्र में अग्रणी है। सबसे महत्वपूर्ण कृषि का उभरता हब है। राजस्थान को कभी रेगिस्तान के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज सरसो, जीरा, धनिया सहित बागवानी में आगे बढ़ रहा है।

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राजस्थान एनर्जी रेवोल्यूशन में बन रहा अग्रणी

राजस्थान एनर्जी रेवोल्यूशन का लीडर बन रहा है। राज्य में सोलर फार्मिक देश के लिए उदाहरण बन कर आ रहा है। साल भर सूर्य की रोशनी के चलते वह इंडिया का पावर हाउस बनने की क्षमता रखता है। कृषि व सोलर का यह अनूठा संगम आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्र के सतत विकास में सहयोग करेगा। राजस्थानी लोग व्यापार व अवसर को पहचानते हैं। आने वाले दशक में राजस्थान कृषि एवं एग्रो प्रोसेसिंग का केंद्र बनेगा। तेलंगाना व दक्षिण भारत के उद्योगपति राजस्थान की ग्रोथ स्टोरी बनने के लिए आगे आएँ। अब समय है मातृभूमि के लिए कुछ करें और निवेश कर मातृभूमि के विकास में सहयोग करें।

सभी का आभार फिक्की के सुब्रतो ने व्यक्त किया। अवसर पर विभिन्न कंपनियों द्वारा एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।
राजस्थान फाउंडेशन हैदराबाद चैप्टर अध्यक्ष पवन बंसल, उपाध्यक्ष अविनाश देवड़ा, भभूत सिंह राजपुरोहित, मंत्री सुधीर जैन, सह-मंत्री पवन सिखवाल, कोषाध्यक्ष बुधाराम चौधरी, मार्गदर्शक सोहनलाल कड़ेल, कार्यकारिणी सदस्य हर्ष सौंथलिया, कृष अग्रवाल, सीए कृपानिवास शर्मा, मुकेश सोनी, राजेश मालपानी, राजेश गुप्ता, राकेश अग्रवाल ने सहयोग प्रदान कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

अवसर पर पूर्व विधायक प्रेम सिंह राठौड़, भाजपा उपाध्यक्ष (एमएम) प्रदीप सुराणा, सोहनलाल दाहिमा, हरिनारायण व्यास, अशोक कोठारी, अशोक मुथा, नरेन्द्र गोयल, सुरेश कुमार सिंघल, हरगोविन्द प्रसाद, रिद्धीश जागीरदार, मुकेश चौहान जैन, ए.के. केजरीवाल, महेश बल्दवा, उमेश शर्मा, सुरेश शर्मा, अरुण कुमार भांगड़िया, कैलाश डालिया, महावीर सुराणा, सुभाष अग्रवाल, अशोक सेन, शिवराज सोनी, दामू गुरु, राजस्थानी संस्थाओं व जैन समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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