नगर के आवासीय क्षेत्रों में बढ़ रही गांजा की खेती से पुलिस चिंतित
हैदराबाद, पहले जहां गांजा की खेती मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश–ओड़िशा सीमा और आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, तेलंगाना तथा छत्तीसगढ़ के एजेंसी इलाकों तक सीमित थी, अब यह खतरा शहर के भीतर तक पहुँच गया है। इस बदलाव ने कानून और आबकारी विभागों में चिंता बढ़ा दी है।
बताया गया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और उपभोग पर सख्ती से नजर रखने के चलते अपराधी अब गुप्त तरीकों का सहारा ले रहे हैं। वे गांजा की खेती घरों, बालकनी, छत और अपार्टमेंट की छतों पर कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें नियमित निरीक्षण और छापों के दौरान कई ऐसे मामलों का पता लगा चुकी हैं।
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में तेलंगाना में 21,000 से अधिक गांजा के पौधे जब्त किए गए हैं। केवल नवंबर, 2025 तक राजधानी क्षेत्र में लगभग 90 स्थानों पर अचानक छापों के दौरान खेती का पता चला।
अधिकारियों के मुताबिक, शहर में गांजा की ऊंची कीमतें इस प्रवृत्ति का एक बड़ा कारण हैं। जहां सीमा क्षेत्रों में एक किलो गांजे की कीमत लगभग 5 हजार रुपये है, वहीं हैदराबाद में यह लगभग 10 गुना अधिक बिकती है, जिससे उपभोक्ता और छोटे स्तर के तस्कर इसे खुद उगाने को प्रोत्साहित हो रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि ओड़िशा और अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूर, साथ ही स्थानीय युवा जो नशीले पदार्थों के आदी हैं, इस धंधे में तेजी से शामिल हो रहे हैं। ये लोग अपने मूल स्थानों से बीज लाकर यहां उगाते हैं।
हाल के छापों में हैदराबाद, साइबराबाद और राचकोंडा पुलिस ने किराए के मकानों में विशेष रूप से तैयार सेटअप में उगाए गए गांजा के पौधों का खुलासा किया, अक्सर यह अलग-थलग आवासीय कॉलोनियों में पाया गया। किसान छत, इनडोर स्थानों का उपयोग कर रहे हैं, यहां तक कि ऑनलाइन उपलब्ध कृत्रिम रोशनी के सहारे पौधे उगाए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि साधारण बगीचे के पौधों में गांजा की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
हाल ही में मलकपेट में एक मामले में दो बिहार के युवक महबूब मेंशन मार्केट की एक इमारत की छत पर गांजा उगा रहे थे। जांच में पता चला कि बीज आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक से लाए गए थे, और उगाने की तकनीक ऑनलाइन वीडियो और मैनुअल से आसानी से सीखी जा सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि एक गांजा का पौधा 3 से 5 किलो तक गांजा दे सकता है, जिससे घर में खेती करना गंभीर खतरे के रूप में सामने आया है। कानून के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 20 के तहत गांजा उगाना अपराध है। इसके लिए 10 साल तक कठोर कारावास और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पुलिस ने जनता से आवासीय क्षेत्रों में संदिग्ध गांजा की खेती की जानकारी साझा करने की भी अपील की।
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