प्रिस्टीन आई हॉस्पिटल्स के 30 जुलाई को लांच करेगा ड्राई आई उत्कृष्टता केंद्र
हैदराबाद, प्रिस्टीन आई हॉस्पिटल्स के संस्थापक तथा नेत्र सर्जन डॉ. सी. जगदीश रेड्डी ने आज कहा कि तकनीकी विशेषज्ञों और किशोरों के बीच ड्राई आई एक जीवन शैली महामारी के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा प्रिस्टाइन आई हॉस्पिटल्स जल्द ही शहर में ड्राई आई के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र शुरू करेगा।
स्क्रीन-प्रधान दुनिया में नेत्र स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण बदलाव लाना लक्ष्य
आज यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. सी. जगदीश रेड्डी ने कहा कि ड्राई आई अब उम्र से संबंधित समस्या नहीं रही, यह अब स्क्रीन उपयोगकर्ताओं में आम होती जा रही है। ड्राई आई डिजीज (डीईडी) जो कभी मुख्य रूप से बुजुर्गों में देखी जाती थी, अब अत्यधिक स्क्रीन उपयोग के कारण तकनीकी पेशेवरों और किशोरों में एक जीवनशैली विकार के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक स्क्रीन समय और आँखों के स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता के बीच माधापुर स्थित प्रिस्टीन आई हॉस्पिटल्स जल्द ही शहर का पहला समर्पित ड्राई आई उत्कृष्टता केंद्र शुरू करने जा रहा है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस केंद्र का औपचारिक उद्घाटन 30 जुलाई को तेलंगाना के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन द्वारा किया जाएगा। विश्वस्तरीय डायग्नोस्टिक्स से सुसज्जित इस सुविधा के माध्यम से हमारा लक्ष्य स्क्रीन-प्रधान दुनिया में आंखों के स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाना है।

डॉ. रेड्डी ने कहा कि अब हम केवल आंखों की समस्या से नहीं जूझ रहे हैं, बल्कि ड्राई आई अब एक डिजिटल युग का स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि लगभग 70 आईटी पेशेवर और 40 प्रतिशत शहरी किशोर ड्राई आई के लक्षणों से प्रभावित हैं। 3 में से 1 तकनीकी कर्मचारी मध्यम से गंभीर ड्राई आई से पीड़ित है। दिन में 4 घंटे से अधिक स्क्रीन का इस्तेमाल करने वाले किशोरों में ड्राई आई होने की संभावना दोगुनी होती है।ड्राई आई डिजीज का अगर इसका इलाज न किया जाए, तो यह कॉर्नियल क्षति और संक्रमण आदि का कारण बन सकता है।
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प्रिस्टीन विजन फाउंडेशन लांच करेगा `ब्लिंक ब्रेक’ अभियान
डॉ. रेड्डी जगदीश रेड्डी ने उत्कृष्टता केंद्र की सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अस्पताल की गैर-लाभकारी शाखा प्रिस्टीन विजन फाउंडेशन `ब्लिंक ब्रेक’ अभियान शुरू कर रही है। यह शहरव्यापी जागरूकता अभियान डिजिटल नेत्र स्वास्थ्य और शीघ्र पहचान को बढ़ावा देते हुए 20-20-20 के नियम को प्रोत्साहित करता हैष जिसके अनुसार हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखने का सुझाव दिया जाता है। लोग प्रिस्टीन वेबसाइट के माध्यम से ड्राई आई सेल्फ-टेस्ट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन आउटरीच कैंप और मोबाइल क्लीनिकों के माध्यम से वंचित समुदायों तक नेत्र जांच और देखभाल भी पहुंचाएगा।
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