मलेशिया में पीएम मोदी के स्वागत में रिकॉर्डतोड़ नृत्य की तैयारी
कुआलालंपुर, मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भव्य स्वागत कार्यक्रम के दौरान एक बड़े नृत्य प्रदर्शन के जरिए ‘मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में जगह बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम में 750 से ज्यादा कलाकार, जिनकी संख्या 800 तक पहुंचने की उम्मीद है, एक साथ नृत्य प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के मुताबिक, इसमें ‘‘एक ही नृत्य प्रस्तुति में सबसे ज्यादा नर्तक होंगे, जो भारतीय समुदाय द्वारा किए जाने वाले भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य रूपों की एक भव्य प्रस्तुति को दिखाएंगे।’’
यह प्रस्तुति ‘सेलामत दतांग मोदी जी’ कार्यक्रम में होगी, जहां प्रधानमंत्री मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भारतीय मूल के समुदाय के लगभग 15,000 लोगों की भीड़ को संबोधित करेंगे। कुआलालंपुर में भारतीय उच्चायुक्त बी एन रेड्डी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमें उम्मीद है कि ‘सेलामत दतांग मोदी जी’ कार्यक्रम में करीब 15,000 लोग आएंगे और इसके साक्षी बनेंगे।’’ उन्होंने कहा कि मलेशिया में दुनिया में भारतीय मूल के लोगों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है, और तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय भी है।
रेड्डी ने कहा कि कार्यक्रम का शीर्षक ‘सेलामत दतांग मोदी जी’, जिसका मलेशियाई भाषा में अर्थ है ‘मोदी जी का स्वागत है’ – समुदाय की गर्मजोशी और एकजुटता को दर्शाता है। कार्यक्रम की आयोजन समिति की सदस्य शालिनी कोठारी ने इस महत्वाकांक्षी रिकॉर्ड के प्रयास के विवरण साझा किए। उन्होंने कहा, ‘‘इस कार्यक्रम में 750 से ज्यादा कलाकार प्रस्तुति देंगे। ‘मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ के सदस्य मौजूद रहेंगे… हमने इसे दर्ज करने के लिए पहले ही उनके पास आवेदन दिया है।’’
कोठारी ने बताया कि ये नृत्य प्रस्तुति लगभग पांच मिनट तक चलेगी। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार दोपहर को कुआलालंपुर पहुंचेंगे और शाम को प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे।
द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना प्राथमिकता होगी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शनिवार से शुरू होने वाली मलेशिया की दो दिवसीय यात्रा के प्रमुख एजेंडे में व्यापार, निवेश तथा रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना शामिल रहेगा। इस यात्रा के दौरान भारत एक बार फिर मलेशिया पर विवादास्पद इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए दबाव बनायेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों द्वारा कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है, जिनमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग से संबंधित एक समझौता भी शामिल है।
भारत और मलेशिया ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने कहा, ‘‘यह दौरा आसियान क्षेत्र के साथ हमारे जुड़ाव को बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करेगा, क्योंकि मलेशिया इसके संस्थापक सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।’’
मलेशिया दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) का एक प्रमुख सदस्य है। मोदी और इब्राहिम भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे, विशेष रूप से व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और शिक्षा जैसे सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत नाइक के प्रत्यर्पण की अपनी मांग को फिर से दोहराएगा।
‘‘जाकिर नाइक के मुद्दे के संबंध में, मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि यात्रा के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। पिछली यात्राओं में भी हमें विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे पर चर्चा करने के अवसर मिले हैं।’’ नाइक वर्तमान में मलेशिया में रह रहा है और उस पर धनशोधन और घृणास्पद भाषणों के माध्यम से चरमपंथ को बढ़ावा देने का आरोप है और भारतीय अधिकारियों को उसकी तलाश है। वह 2016 में भारत छोड़कर चला गया था।
कुमारन ने कहा कि भारत मलेशिया के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रमुख क्षेत्रों के अग्रणी मलेशियाई सीईओ के साथ भी बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश भारत-मलेशिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की संयुक्त समीक्षा पर भी चर्चा कर रहे हैं। मलेशिया में प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे।
कुमारन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की मलेशिया यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ पारस्परिक के लिए भविष्य के सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी।’’
सीमांत नगालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन का समझौता ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सीमांत नगालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण (एफएनटीए) के गठन के लिए त्रिपक्षीय समझौता ‘‘ऐतिहासिक’’ है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति एवं समावेशी विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह वास्तव में एक ऐतिहासिक समझौता है, जो विशेष रूप से पूर्वी नगालैंड के विकास को गति प्रदान करेगा।’’
केंद्र सरकार ने पूर्वी नगालैंड की मांगों को पूरा करने के उद्देश्य से सीमांत नगालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन के वास्ते नगालैंड सरकार और ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि इससे लोगों के लिए अवसरों और समृद्धि के नये द्वार खुलेंगे। यह पूर्वोत्तर में शांति, प्रगति और समावेशी विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’ समझौते पर बृहस्पतिवार को नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किया गया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘यह समझौता नगालैंड के छह जिलों तुएनसांग, मोन, किपहिरे, लोंगलेंग, नोकलक और शमाटोर के लिए सीमांत नागालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण (एफएनटीए) के गठन का मार्ग प्रशस्त करेगा और 46 विषयों के संबंध में एफएनटीए को शक्तियां हस्तांतरित करेगा।’’ (भाषा )
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