कालेश्वरम में चल रहे कार्यों में मेघा इंजीनियरिंग को राहत

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हैदराबाद, कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना और मेट्रो वाटर वर्क्स के कार्यों पर 18 प्रतिशत जीएसटी की माँग के मामले में मेघा इंजीनियरिंग इंफ्रा लि. (एमईआईएल) को उच्च न्यायालय से राहत मिली है। उच्च न्यायालय ने तेलंगाना के जीएसटी अधिकारियों को हाल ही में आदेश दिया कि 10 प्रतिशत जीएसटी जमा करने के बाद मेघा इंजीनियरिंग के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई न की जाए।

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने मेघा कंपनी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। याचिका में सरकार के अधीन स्थानीय निकाय कार्यों पर 18 प्रतिशत जीएसटी की माँग को चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि कालेश्वरम परियोजना कार्यों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने के उनके स्पष्टीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया।

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जिन अधिकारियों ने पहले 12 प्रतिशत पर सहमति जताई थी, वे अब 18 प्रतिशत कह रहे हैं। सरकारी अधिवक्ता ने जवाब देते हुए कहा कि कानून में वर्ष 2021 के संशोधन में स्पष्ट है कि कम कर किस पर लागू होता है और याचिकाकर्ता की कंपनी इसके दायरे में नहीं आती है। दलील सुनने के पश्चात खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को 10 प्रतिशत जीएसटी जमा करने का आदेश दिया। इसके साथ ही राज्य के जीएसटी अधिकारियों को आदेश दिया कि याचिका पर सुनवाई पूर्ण होने तक याचिकाकर्ता की कंपनी के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई न की जाए। खंडपीठ ने केन्द्राय और राज्य जीएसटी विभागों को प्रतियाचिका दायर करने के लिए नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई 3 सप्ताह तक स्थगित कर दी।

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