कड़ी सुरक्षा में किया गया आरटीसी ड्राइवर शंकर गौड़ का अंतिम संस्कार
हैदराबाद, आरटीसी हड़ताल के बीच आत्महत्या करने वाले ड्राइवर शंकर गौड़ का अंतिम संस्कार वरंगल के मुत्थोजीपेट में विशेष पुलिस बंदोबस्त के बीच किया गया। अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्य और आरटीसी कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
आरटीसी ड्राइवर शंकर गौड़ के पार्थिव शरीर को मुत्थोजीपेट स्थित उनकी बेटी के घर ले जाया गया। करीब एक घंटे तक पार्थिव शरीर सड़क पर रोका गया, जिससे भारी यातायात जाम लग गया। इसके बाद मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने आरटीसी जेएसी नेताओं से पहल करने का अनुरोध किया। इसके बाद जेएसी नेताओं ने शंकर गौड़ के परिवार से बातचीत की और अंततः परिवार मुत्थोजीपेट में अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गया।
उल्लेखनीय है कि आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल और उनकी माँगों के प्रति सरकार के कथित उदासीन रवैये से आहत होकर ड्राइवर शंकर गौड़ ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल शंकर गौड़ ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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पार्थिव शरीर को डिपो ले जाने पर पुलिस ने रोका
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय ने शंकर गौड़ के पार्थिव शरीर को नरसंपेट डिपो ले जाने के लिए प्रयास किया। उन्होंने अपने वाहन में शंकर के परिवार को डिपो तक ले जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनके वाहन को रोक दिया। इस पर बंडी संजय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस ही अंतिम संस्कार कर ले। पुलिस आयुक्त ने बंडी संजय और श्रमिकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।
पुलिस ने साफ कर दिया कि किसी भी स्थिति में पार्थिव शरीर को नरसंपेट डिपो ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद पार्थिव शरीर को वापस ले जाया गया। जब शंकर गौड़ का परिवार जेएसी के मनाने पर राजी हो गया तो, केंद्रीय मंत्री बंडी संजय ने विरोध वापस ले लिया और भाजपा कार्यकर्ता वापस लौट गए। बीआरएस नेताओं ने भी शंकर गौड़ के परिवार से मिलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस द्वारा उनके प्रयास नाकाम कर दिये गये।
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