360 डिग्री हमले की तैयारी शाह ने दो डेटाबेस की शुरुआत की
नई दिल्ली, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दो डेटाबेस की शुरुआत की, जिनमें संगठित अपराध गिरोह डेटाबेस और लूटे गए और बरामद हथियारों से संबंधित हथियार डेटाबेस शामिल हैं। इन दोनों डेटाबेस का नियंत्रण राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के पास होगा।
ये डेटाबेस देश भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा इस्तेमाल किए जाएँगे। मंत्री ने कहा कि संगठित अपराध पर 360-डिग्री हमला करने के लिए एक नई योजना आने वाले दिनों में लाई जाएगी, और ये डेटाबेस शून्य आतंक नीति के एक प्रमुख संसाधन बनेंगे। 360 डिग्री हमले से आशय हर स्तर पर चौतरफा हमले से है।
शाह ने ये बातें शुक्रवार को एनआईए द्वारा आयोजित आतंक रोधी सम्मेलन-2025 का उद्घाटन करते हुए कहीं। इस दौरान उन्होंने दो डेटाबेस के अलावा एनआईए की अपराध से जुड़े कायदे-कानून संबंधी अद्यतन पुस्तिका का विमोचन किया।
संगठित अपराध गिरोह शुरू में फिरौती और जबरन वसूली के मकसद से काम करते हैं, लेकिन जब उनके नेता विदेश भाग जाते हैं और वहाँ बस जाते हैं, तो वे अपने आप आतंकवादी संगठनों के संपर्क में आ जाते हैं और फिर फिरौती और जबरन वसूली से मिले पैसे का इस्तेमाल देश के अंदर आतंकवाद फैलाने के लिए करते हैं।
दो नए डेटाबेस से खुफिया तंत्र होगा मजबूत
इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर के शीर्ष पुलिस अधिकारी और केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने संगठित अपराधियों और आतंकवादियों के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला। एक बयान के अनुसार उन्होंने कहा, संगठित अपराध गिरोह शुरू में फिरौती और जबरन वसूली के मकसद से काम करते हैं, लेकिन जब उनके नेता विदेश भाग जाते हैं और वहाँ बस जाते हैं, तो वे अपने आप आतंकवादी संगठनों के संपर्क में आ जाते हैं और फिर फिरौती और जबरन वसूली से मिले पैसे का इस्तेमाल देश के अंदर आतंकवाद को एनआईए और सीबीआई के मार्गदर्शन और आईबी के सहयोग से इस डेटाबेस का इस्तेमाल करके, अपने अधिकार क्षेत्र में इसे खत्म करना फैलाने के लिए करते हैं।
शाह ने कहा कि हर राज्य चाहिए। बयान में उनके हवाले से कहा गया है कि केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस ने अपने स्तर पर प्रौद्योगिकी का अच्छा इस्तेमाल किया है, लेकिन अलग-अलग बनाई गई प्रौद्योगिकी और अलग-अलग एकत्र किया गया डेटा बिना गोली वाली बंदूक की तरह है। शाह ने कहा कि अगर सारा डेटा एक-दूसरे को संप्रेषित किया जा सके तो बेहतर रहेगा और इसे एक ही प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके तैयार किया जाए। उन्होंने कहा, इस मकसद के लिए गृह मंत्रालय, एनआईए और आईबी को प्रौद्योगिकी और डेटा के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का सुचारु ढाँचा विकसित करने के लिए चर्चा करनी चाहिए और इसे मजबूत करने में राज्यों का समर्थन करना चाहिए।
आतंक और संगठित अपराध पर सख्त निगरानी की तैयारी
मंत्री ने कहा कि आतंकवादियों और अपराधियों का डेटाबेस शून्य आतंक नीति का मुख्य हिस्सा होना चाहिए। शाह ने कहा कि उन्हें उम्मीद हैं कि सभी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डेटाबेस फ्रेमवर्क को पूरी तरह से लागू करेंगे। शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में देश संगठित अपराध पर चौतरफा हमला करने की योजना लाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि डीजीपी सम्मेलन, सुरक्षा रणनीति सम्मेलन, मादक पदार्थ (नशे से जुड़े अपराध) नियंत्रण संबंधी राष्ट्रीय समन्वय प्रणाली से जुड़ी बैठक और आतंकवाद रोधी सम्मेलन के बीच तालमेल, सहयोग और संचार का एक नया मानक विकसित किया गया है। शाह ने कहा, हम इन चार स्तंभों को अलग-अलग नहीं देख सकते। आतंकवाद रोधी सम्मेलन (एंटी टेररिज्म कॉन्फ्रेंस) एक साझा धागे की तरह इन सभी से जुड़ा हुआ है।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



