देश की प्रगति को बाधित करने के लिए हुआ है हमला- एफटीसीसीआई
हैदराबाद, फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफटीसीसीआई) और उससे जुड़े विभिन्न उद्यमी संगठनों ने आज पहलगाम में आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला देश की आर्थिक प्रगति को बाधित करने के लिए हुआ है। सरकार को इसके खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
व्यापार, उद्योग और वाणिज्य से जुड़े उद्यमियों ने एफटीसीसीआई में आज हमले को गंभीरता से लेते कड़ा जवाब देने और आतंक को जड़ से मिटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने पर ज़ोर दिया।
एफटीसीसीआई ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की
हमले को बर्बर बताते निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाये जाने की कड़ी निंदा की गयी। फेडरेशन ने पीड़ितों, उनके परिवारों के साथ गहरी एकजुटता व्यक्त की और इस जघन्य कृत्य के अपराधियों को दंडित करने के अपने संकल्प में केंद्र सरकार को अटूट समर्थन दिया।
फेडरेशन हाउस में मृतकों को श्रद्धांजलि के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। बाद में संवादाताओं से बातचीत करते हे एफटीसीसीआई के अध्यक्ष सुरेश कुमार सिंघल ने कहा कि यह बर्बर हमला न केवल निर्दोष जानों पर हुआ है, बल्कि देश की प्रगति पर भी हमला है।
यह भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को बाधित करने का प्रयास है। देश 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में यह हमला आर्थिक प्रगति को रोकने का प्रयास है। इसलिए दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए जो भी आवश्यक हो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के निर्णय के साथ संगठन दृढ़ता से खड़ा है।
हमले को बताया देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला
तेलंगाना औद्योगिक महासंघ (टीआईएफ) के अध्यक्ष के. सुधीर रेड्डी ने कहा कि यह हमला भारत के आर्थिक विकास में बाधा डालने और जम्मू-कश्मीर में जारी शांति प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए किया गया है। ‘यह भय और अस्थिरता पैदा करने का प्रयास है, लेकिन देश इससे नहीं डरेगा।
एफटीसीसीआई के उपाध्यक्ष के.के. माहेश्वरी ने कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने पीड़ितों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। जो इससे स्पष्ट है कि त्रासदी के समय में सब एकजुट हैं।
एफटीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि हमले में केवल कुछ व्यक्तियों को नहीं, बल्कि मानवता और भारत की अर्थव्यवस्था के ताने-बाने को निशाना बनाया गया। ऐसे आतंकवाद को देश भविष्य को पटरी से उतारने की अनुमति नहीं दे सकते। उन्हें समाप्त करना अनिवार्य है।
सरकार से की आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग
एफटीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शेखर अग्रवाल ने जम्मू-कश्मीर की पर्यटन-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता व्यक्त करते हुए कहाकि पर्यटन कश्मीर की जीवनदायिनी है और सरकार को इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। क्षेत्र में सद्भाव और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
एफटीसीसीआई की जीएसटी और सीमा शुल्क समिति के अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद अहमद ने भी इस जघन्य कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की हूं। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, कोई सीमा नहीं होती। यह हमला भारत के शांतिपूर्ण विकास पर ईर्ष्या से प्रेरित है।
वैश्विक तनाव और व्यापार संघर्षों के बावजूद प्रधान मंत्री ने कुशलता से अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया है। इस तरह के हमले प्रगति को अस्थिर करने के प्रयास हैं। हमें अपने उद्योगों की रक्षा के लिए निर्णायक रूप से कार्य करना चाहिए, क्योंकि समृद्धि के लिए शांति आवश्यक है।
क्रेडाई हैदराबाद के प्रतिनिधि मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि दुबई और सिंगापुर जैसे देशों ने कड़े कानूनों के माध्यम से आतंकवाद को सफलतापूर्वक रोका है। सीमाओं को सील करने, वीजा पर प्रतिबंध लगाने और आतंकवाद से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने जैसे उपाय करके हमलों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकता है।
अवसरप पर जीडिमेटला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पी. कृष्णा, चेरलापल्ली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल राव और फाइबरग्लास इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष नारायण रेड्डी, एफटीसीसीआई की जनसंपर्क समिति के चेयरमैन अजय अग्रवाल, एफटीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर. रवि कुमार एवं डिप्टी सीईओ सुजाता ने संवाददाता सम्मेलन की सुविधा प्रदान की, जो उन मूल मूल्यों की रक्षा के लिए एकता और दृढ़ संकल्प की एक शानदार घोषणा थी, जिन पर भारत का भविष्य टिका हुआ है।
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