जो मन विजेता होगा, वही होगा विश्व विजेता : श्रुतमुनिजी
हैदराबाद, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमणोपासक संघ, रामकोट के तत्वावधान में आयोजीत तीन दिवसीय पारणा महोत्सव के द्वितीय दिवस सामायिक दिवस के रूप में मनाया गया। मंगलाचरण के पश्चात गुरु भगवंतों द्वारा गणेशलालजी म .सा. का गुरु गणेशाष्टक महा मंगलकारी जाप किया गया। श्रद्धालुओं ने 2 से 5 सामायिक साधना की।
रतनचंद कटारिया, शांतिलाल छाजेड़ और जितेंद्र भंडारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, श्रुतमुनिजी म.सा. ने सद्गुरुनाथाय नम: का एकीकरण अक्षर का विस्तार से विश्लेषण किया। अंतिम अक्षर म के बारे में बताते हुए म.सा. ने कहा कि म अक्षर भगवान महावीर के तप के बारे में प्रेरणा देता है। वायु अग्नि से भी अधिक वेग मन का है। महापुरुषों ने मन को बंदर की उपमा दी है, क्योंकि मन चंचल है। जो मनुष्य मन पर नियंत्रण करता, उसका जीवन सफल होता है। जो मन विजेता होगा, वो विश्व विजेता बनेगा।
म.सा. ने कहा कि कल्पसूत्र में प्रभु महावीर के 13 नाम बताए गए हैं। पूर्व में जब बालक जन्म लेता था, तो तीर्थंकर और महापुरुषों के नाम रखे जाते थे। बाद में गुरुओं के नाम रखे जाने लगे, फिर रत्नों के नाम का प्रचलन शुरू हुआ। सभी नाम अर्थ पूर्ण होते थे। वर्तमान में तो ऐसे नाम रखते हैं, जिसका कोई अर्थ ही नहीं। कोई भी कार्य करते हैं, तो मन के भावों पर नियंत्रण रखना चाहिए।
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दान और सकारात्मक सोच अपनाने पर दिया जोर
गुरुदेव श्रुतमुनिजी म.सा. के संयम रजत महोत्सव के पर अक्षरमुनिजी म.सा. ने मनुष्य को मृत्यु पर विजय पाने के लिए सूत्र बताते हुए कहा कि मृत्यु को महोत्सव बनाने के चार सूत्र बताए गये हैं। म.सा. ने कहा कि जीवन में कर्मों से छुटकारा पाकर मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। पापों के भावों को त्याग कर पापों का भार कम कर सकते हैं। इसी तरह कर्मों का भार कम करना, धन संपत्ति का भार कम करना, दान के भाव बढ़ाना तथा दूसरों के बातों पंर चिंतन नहीं करना चाहिए।
प्रवचन पश्चात गौतम प्रसादी का लाभ ज्ञानचंद राजेश अक्षय सिद्धार्थ जी सुराणा परिवार ने लिया। सोमवार, 20 अप्रैल को वर्षीतप तपस्वियों के पारणे व्यवस्था श्री गुरु गणेश जैन भवन, रामकोट में रहेगी। गुरु भगवंतों का प्रवचन सुबह 9.15 से रहेगा दोपहर अन्न प्रसादी के लाभार्थी जुगराज किशोर कुमार, सुनीता, प्रतीक, प्रणव वैद मुथा परिवार एवं चंचल बाई, भागचंद, जितेन्द्र संजय सिंघी परिवार थे। तंबोला प्रभावना श्री राजस्थानी महिला मंडल की ओर से दी गयी। हाई टी लाभार्थी परिवार जुगराज किशोर कुमार सुनीता प्रतीक प्रणय वैद मुथा परिवार थे। एकासना के लाभार्थी प्रेम राज, रतन लाल, जौहरी लाल पीपाड़ा परिवार रहे।
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