अय्यर, ईसाई और राजू समुदायों में अंतरजातीय विवाहों का अनुपात अधिक

Ad

हैदराबाद, तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा 2024-25 में किए गए जातिगत सर्वेक्षण का विश्लेषण करने वाले एक विशेषज्ञ समूह ने पाया कि अंतरजातीय विवाह वाले परिवारों का सबसे बड़ा हिस्सा अयंगर अय्यर समुदाय का है, उसके बाद बीसी/एससी ईसाई और राजू समुदाय का स्थान आता है।

हालांकि, उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाले स्वतंत्र विशेषज्ञ कार्य समूह (आईईडब्ल्यूजी) ने कहा कि वेलामा और रेड्डी जैसे प्रभावशाली समूहों में अंतरजातीय विवाह की दर राज्य के औसत से काफी कम है। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया है कि रेड्डी और वेलामा समेत बड़ी जमींदारी वाली अगड़ी जातियें में अंतरराजातीय शादियें की कम दरें बताती हैं कि सामाजिक-आर्थिक विशेषाधिकार के बावजूद इन समूहों में जाति के आधार पर शादी की मज़बूत रूढ़ियाँ हैं।

यह भी पढ़ें… तेलंगाना जाति सर्वेक्षण: रेड्डी समुदाय के पास 13.5% भूमि का स्वामित्व

Ad

अगड़ी जातियों में विवाह निर्णयों में सामाजिक सख्ती

साथ ही यह इस बात का भी परिचायक है कि अगड़ी जातियों में समाज की सख्ती और खासकर शादी के फैसलों में महिलाओं की सीमित निजी राय होती है। आईईडब्ल्यूजी ने कहा है कि अंतरजातीय विवाह सामाजिक रूढ़ियें के कमजोर होने का संकेत देते हैं और बढ़ती सामाजिक गतिशीलता का प्रतीक हैं। विशेष रूप से व्यक्तिगत स्वायत्तता के संदर्भ में, जिसमें महिलाएँ अपने जीवनसाथी को चुनने में अधिक स्वतंत्र हो रही हैं।

उसने कहा कि अंतरजातीय विवाह वाले परिवारों का सबसे बड़ा हिस्सा (12 प्रतिशत) अयंगरा अय्यर समुदाय से आता है, उसके बाद बीसी/एससी ईसाई (9.9 प्रतिशत) और राजू समुदाय (8.7 प्रतिशत) का स्थान आता है। आईईडब्ल्यूजी ने कहा अंतरजातीय विवाहों का एक महत्वपूर्ण कारक शहरी निवास हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 90 प्रतिशत से अधिक ब्राह्मण शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, जहाँ विवाह के मामले में जातिगत रूढ़ियाँ अधिक मायने नही रखती हैं। दूसरी ओर, अनुसूचित जनजाति में शामिल कोलम (2.6 प्रतिशत), माली (2.6 प्रतिशत) और गेंड (2.8 प्रतिशत) जैसी जातियाँ अंतरजातीय विवाहों में सबसे कम हिस्सेदारी वाली जातियों में शामिल हैं।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Ad

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button