राज्य में यूरिया की कमी नहीं : भट्टी विक्रमार्का

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हैदराबाद, उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने स्पष्ट किया कि पुलिस और वन अधिकारियों को वन अधिकार (आरओएफआर) अधिनियम के तहत प्राप्त वन भूमि पर फसल उगाने वाले किसानों के पास जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार इंदिरा सौर गिरि जल विकासम योजना के माध्यम से इन किसानों को सौर पंप सेट, स्प्रिंकलर, ड्रिप और बागवानी फसलें निशुल्क उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अगले तीन वर्षों में 12,600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

भद्राद्रि कोत्तागुड़ेम जिले के दौरे पर गये भट्टी ने आज कोत्तागुड़ेम में कोत्तागुड़ेम व खम्मम जिलों के अधिकारियों के साथ मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति व सतर्कता, राहत कार्य, कल्याणकारी योजनाओं और अन्य आपातकालीन सुविधाओं की समीक्षा की। इस बैठक में खम्मम जिले के प्रभारी मंत्री वी. श्रीहरि, मंत्री टी. नागेश्वर राव, पी. श्रीनिवास रेड्डी, जिले के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

ग्रामीण विकास, मुफ्त सुविधाएं और कल्याण योजनाएं

अवसर पर भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि सरकार ने विधायक और ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज सड़कों के निर्माण के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में यूरिया की कोई कमी नहीं है। किसी को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार ने मांग के अनुसार यूरिया की आपूर्ति करने के लिए सभी प्रकार के कदम उठाए हैं।

भट्टी ने बताया कि राज्य सरकार ने विकास कार्यक्रमों के साथ-साथ कल्याणकारी योजनाओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि सभी परिवारों को बारीक चावल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के 85 प्रतिशत लोगों को अब बिजली बिल नहीं देना पड़ रहा है। उन्होंने आगे बताया कि आरोग्यश्री योजना की सीमा बढ़ाकर दस लाख कर दी गई है। अगर किसी को कार्ड से संबंधित कोई समस्या है, तो जिलाधीश से संपर्क कर सकते हैं।

भट्टी ने आगे बताया कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत अब तक 200 करोड़ शून्य टिकट जारी किये गये हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं की ओर से आरटीसी को इस यात्रा से संबंधित 6,880 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। उन्होंने इंदिरम्मा घरों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले चरण में राज्यभर में 5 लाख रुपये प्रति घर की लागत से 6.50 लाख इंदिरम्मा घर बनाए जा रहे हैं।

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मत्स्य पालन, आवास और शिक्षा विकास की नई पहल

प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 3,500 आवास बनाए जाएंगे। इस पर 22,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक जिले में महिला समूहों के माध्यम से मत्स्य पालन की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार प्रति वर्ष राज्यभर के तालाबों में 89 करोड़ मछली बीज छोड़ती है। वर्तमान में अन्य क्षेत्रों से मछली बीज खरीद रहे हैं।

यदि सभी जिलों में स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों द्वारा मछली बीजों का विकास किया जाए, तो उन्हें रोजगार मिलेगा और बड़ा व्यवसाय स्थापित होगा। उन्होंने जिलाधीशों को इसके लिए योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। भट्टी विक्रमार्का ने गोदावरी नदी में बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि गोदावरी में बाढ़ अभी तक सामान्य स्थिति में है। अभी तक एक भी खतरे की चेतावनी जारी नहीं की गई है। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उन्होंने यंग इंडिया एकीकृत विद्यालयों के निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक स्कूल 25 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है। सरकार इन स्कूलों के निर्माण के प्रति विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कल्याण और गुरुकुल विद्यालयों में छात्रों को मेनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता जताई।

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