नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वालों को मुंह की खानी पड़ी : रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने के कारण पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में द्रमक को ‘मुंह की खानी पड़ी’ है। गुप्ता ने कहा कि इस अधिनियम का विरोध करने वालों को जनता को ‘जवाब देना भारी पड़ रहा है।’

भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा पिछले महीने पेश किया गया महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इसके खिलाफ मतदान किया था। मुख्यमंत्री ने बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विजय को मां काली का आशीर्वाद बताया और इसे महिलाओं की जीत करार दिया।

राष्ट्रीय राजधानी के सीआर पार्क स्थित मां काली मंदिर में भाजपा के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ पूजा-अर्चना करने के बाद गुप्ता ने कहा, “यह वही आस्था है जो दिल्ली को शक्ति देती है, वही सनातन ऊर्जा अब बंगाल में परिवर्तन का संकल्प बन रही है। मां काली के आशीर्वाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और जनता के अपार जनसमर्थन से अब बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने जा रही है।”

बंगाल जीत पर गुप्ता का बयान, नारी शक्ति को दिया श्रेय

गुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि बंगाल की नारी शक्ति ने एकजुट और भयमुक्त होकर “आतंक” व “अत्याचार” के खिलाफ अपना वोट डाला। गुप्ता ने कहा कि बंगाल में बनने वाली सुशासन सरकार राज्य के भविष्य को और उज्ज्वल करेगी। उन्होंने कहा, “यह जीत महिलाओं की जीत है, मां काली के आशीर्वाद से यह बंगाल की जीत है, देश की जीत है, देश के विकास की जीत है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जिस-जिस नेता ने, जिस-जिस पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया, आज उनको मुंह की खानी पड़ी। चाहे वह द्रमुक के स्टालिन हों, चाहे ममता बनर्जी हों, चाहे अरविंद केजरीवाल हों।”

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अप्रैल में बंगाल और तमिलनाडु समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव हुए थे। इन चुनावों के चार मई को घोषित हुए नतीजों में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को खत्म कर दिया और प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है। वहीं, तमिलनाडु में एमके स्टालिन नीत द्रमुक को भी हार का सामना करना पड़ा और राज्य में अभिनय से राजनीति में आए विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। (भाषा)

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