शोरूम से वाहन पंजीकरण शुरू, सॉफ्टवेयर बना बाधा

हैदराबाद, पिछले साल के अक्तूबर माह में परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर द्वारा घोषित योजना आज धरातल पर तो उतरी, लेकिन तकनीकी समस्याओं के चलते और साफ्टवेयर की जानकारी के अभाव में परवान नहीं चढ़ सकी। उल्लेखनीय है कि मंत्री ने तब कहा था कि नए वाहन खरीदारों को अब वाहन पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग के कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उनकी घोषणा के अनुसार, आज यह योजना लागू की गयी, लेकिन ऑटोमोबाइल डीलरों का आरोप है कि नए सॉफ्टवेयर के पुख्ता प्रशिक्षण के अभाव में वाहन पंजीकरण शोरूम में करना संभव नहीं है।

परिवहन विभाग ने आज से पूरे राज्य में शोरूम में वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने की सुविधा शुरू कर दी है। हालांकि, केवल दोपहिया और कारों के पंजीकरण को संबंधित शोरूम में ही करने की अनुमति दी गई है। वाणिज्यिक वाहनों का पंजीकरण केवल परिवहन विभाग के कार्यालय में किया जाएगा। मंत्री की घोषणा के बाद परिवहन विभाग ने 8 जनवरी को कहा था कि सभी शोरूमों में वाहन पंजीकरण 24 जनवरी से शुरू किया जाएगा।

33 जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण, डीलरों को समझने में समय

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कुछ ही दिनों में सरकार के निर्देश पर शोरूम में ही वाहन पंजीकरण पूरा करने के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर विकसित किया। इसके अलावा, सॉफ्टवेयर का परीक्षण कल एक कार शोरूम में किया गया और 33 जिलों के परिवहन अधिकारियों को नई नीति के कार्यान्वयन पर सॉफ्टवेयर के उपयोग के बारे में पहले ही जागरूक किया जा चुका है। हालांकि, राज्य भर के सभी ऑटोमोबाइल डीलरों को नए सॉफ्टवेयर के बारे में पूरी जानकारी नहीं होने से समस्याएँ पेश आईं।

शोरूम मालिकों का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने में कुछ समय लगेगा। कुछ ऑटोमोबाइल डीलरों ने इस प्रक्रिया को सीधे शुरू करने पर असंतोष व्यक्त किया, क्योंकि पूरी जानकारी प्रदान किए बिना इसे शुरू करना मुश्किल है। अधिकारियों का कहना है कि जिस डीलर ने वाहन बेचा है, वह स्थायी पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करेगा। परिवहन अधिकारी इसे ऑनलाइन देखेंगे और निर्णय लेंगे। सुबह खरीदे गए वाहन का स्थायी पंजीकरण शाम तक पूरा हो जाएगा।

नए सॉफ्टवेयर से आरसी सीधे स्पीड पोस्ट से मिलेगी

एक प्रमुख कार शोरूम के प्रबंधक से नए सॉफ्टवेयर के बारे में पूछे जाने पर बताया कि इसे आज से ही लागू किया गया है, लेकिन नए सॉफ्टवेयर की पूरी समझ और सुचारू रूप से प्रक्रिया को पूरा करने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने कहा कि अब से ग्राहकों को अपनी खरीदे गए वाहनों के पंजीकरण के लिए आरटीओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनका समय बचेगा। हालांकि, एक दोपहिया वाहन डीलर ने कहा कि नए सॉफ्टवेयर को समझने में कुछ समय लगेगा। नई प्रणाली के तहत, डीलर को आवश्यक दस्तावेज,चालान, बीमा, पता प्रमाण पत्र, वाहन की तस्वीरें आदि ऑनलाइन अपलोड करनी होगी।

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परिवहन अधिकारी आवेदन की जांच करेगा और पंजीकरण संख्या आवंटित करेगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) सीधे स्पीड पोस्ट के माध्यम से वाहन के मालिक को दिया जाएगा। परिवहन विभाग ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो स्थायी पंजीकरण प्रक्रिया की जांच के लिए डीलरों के शोरूम का निरीक्षण किया जाएगा। नई पंजीकरण प्रक्रिया केवल दोपहिया और कारों पर लागू होगी। वाणिज्यिक (परिवहन) वाहनों का पंजीकरण पहले की तरह आरटीओ कार्यालयों में ही होगा।

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