वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को शांति का नोबेल पुरस्कार

ओस्लो/स्टॉकहोम: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की शुक्रवार को घोषणा की गई। मारिया को एक ऐसी महिला के रूप में मान्यता दी गई, जिन्होंने गहराते अंधकार के बीच लोकतंत्र की लौ जलाए रखी है।

नॉर्वे की नोबेल समिति के अध्यक्ष जॉर्गन वात्ने फ्रिडनेस ने कहा कि वेनेजुएला में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष की उम्मीदवार रहीं मारिया को राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार के खिलाफ कभी गहराई तक विभाजित विपक्ष को एकजुट करने वाली महत्वपूर्ण शख्सियत के रूप में सराहा गया है। फ्रिडनेस ने कहा, मारिया पिछले एक साल से छिपकर रहने के लिए मजबूर हैं। जान को गंभीर खतरे के बावजूद वह देश में ही हैं और इस फैसले ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा, जब अधिनायकवादी सत्ता पर कब्जा कर लेते हैं, तो आजादी की रक्षा करने वाले उन साहसी नायकों को मान्यता देना अहम हो जाता है, जो आवाज उठाते हैं और प्रतिरोध करते हैं।

नोबेल शांति पुरस्कार का उद्देश्य स्थायित्व और अंतर्राष्ट्रीय बंधुत्व

फ्रिडनेस ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि समिति घोषणा से कुछ देर पहले मारिया से संपर्क करने में सफल रही थी, जिन्होंने इस पुरस्कार के लिए चुने जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया। मारिया के करीबी सहयोगी एडमंडो गोंजालेज (जो स्पेन में निर्वासन में रह रहे हैं) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह फोन पर उनसे बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मारिया को गोंजालेज से यह कहते हुए सुना जा सकता है, मैं आश्चर्यचकित हूँ।

मुझे यकीन ही नहीं हो रहा है। गोंजालेज ने मारिया को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के फैसले पर खुशी जाहिर की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, यह हमारी आजादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक महिला और लोगों की लंबी लड़ाई को मिली बहुत ही उपयुक्त मान्यता है। इस हफ्ते अपना 58वाँ जन्मदिन मनाने वाली मारिया को राष्ट्रपति चुनाव में मादुरो के खिलाफ लड़ना था, लेकिन सरकार ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद गोंजालेज को राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया। यह उनके जीवन का पहला चुनाव था। चुनावी प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर दमन देखा गया, जिसमें विरोधी उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराया जाना, उनकी गिरफ्तारी और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन शामिल था।(भाषा) 

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