हवाई करतबों को समर्पित रहा विंग्स इंडिया का पहला दिन

हैदराबाद, बेगमपेट हवाई अड्डे पर शुरू हुई विंग्स इंडिया प्रदर्शनी का पहला दिन शानदार हवाई प्रदर्शन को समर्पित रहा। यह प्रदर्शन बेगमपेट के साथ सिकंदराबाद, सनतनगर, बोइनपल्ली, पैराडाइज के आस-पास के इलाकों में देखे गये। सूर्य किरण और मार्क जेफरी टीम का हवाई प्रदर्शन शो के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे।

विंग्स इंडिया के पहले दिन बैठकों और विभिन्न कंपनियों के बीच करार के साथ आसमान पर एयर शो के भव्य नज़ारे देखे गये। उद्घाटन दिन जब हवाई प्रदर्शन शुरू हुए, तो देखा गया कि कई प्रतिभागी बोर्डरूम और लॉन्ज से बाहर निकालकर उड़ान के दृश्य देख रह हैं। सूर्य किरण टीम ने हमेशा की तरह हवा में करतबबाजी करते हुए रंगारंग प्रभाव छोड़ा।

विमान ने आकाश में घुमावदार निशान और रोशनी के लकीरें छोड़ीं

उद्घाटन दिवस की संध्या ब्रिटेन के पायलट मार्क जेज़, क्रिस बर्केट, पीटर वेल्स और क्रिस हीम्स द्वारा उड़ाए गए चार एक्स्ट्रा 330एससी विमानों का प्रदर्शन अद्भुत रहा। चारों विमान हैदराबाद के आकाश को चीरते हुए कुछ इस तरह पलट रहे थे, जैसे कोई खिलौने उछल रहे हैं। विमान तीखे घुमावदार निशान और रोशनियों के साथ ऊपर-नीचे उड़ते हुए केसरिया हरे एवं सफेद रंगों के धूल से चमकदार लकीरें छोड़ रहे थे।

लोग उस समय अपने आपको तालियाँ बजाने से नहीं रोक पाये, जब विमानों ने एक क्षण में हज़ार फीट से अधिक ऊँचाई पर दो विशाल दिलों की आकृति बना दी। इसके बाद गति और रोमांच बढ़ा, जब विमान अलग होकर फिर आमने-सामने तेजी से लौटे और विरोधी क्रॉस की श्रृंखला में 400 मील प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से पास आते हुए अलग हो गए। आकाश में ड्रोन शो की क्रीन बनाने का दृश्य अद्भुत रहा। सूर्यास्त के समय यह नज़ारा काफी आकर्षक रहा। बड़ी संख्या में लोग मोबाइल से तस्वीरें लेते और वीडियो में नज़ारा कैद करते देखे गये। आसमान पर बनायी आकृतियों में रौशन चारमीनार का दृश्य अद्भुत रहा। बेगमपेट हवाई अड्डे पर बने ऊँचे मंच के ऊपर ड्रोन ने भारत की महिला शक्ति को समर्पित महिला पायलट की आकृति बनाई।

उड्डयन मंत्री राम मोहन नायुडू ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायुडू ने बेगमपेट हवाई अड्डे पर विंग्स इंडिया के अंतर्गत आयोजित विमान प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह द्विवार्षिक आयोजन 31 जनवरी तक चलेगा, जिसमें वैश्विक विमानन पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक एक मंच पर एकत्रित होंगे। नायुडू ने विंग्स इंडिया को महत्वपूर्ण विमानन शिखर सम्मेलन बताते हुए कहा कि यह एशिया के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक है।

नागरिक विमानन विनिर्माण में भारत की बढ़ती ताकत और घरेलू माँग में हो रही वृद्धि को प्रदर्शित किया जा रहा है। अगले एक दशक में सरकार की प्राथमिकता भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए देश के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले 10 से 12 वर्षों में भारत नागरिक विमानन के क्षेत्र में वैश्विक निर्यातक के रूप में उभर सकता है।

सरकार 350 हवाई अड्डों और विमानन पारिस्थितिकी तंत्र पर ध्यान केंद्रित

मंत्री ने एयर इंडिया के लिए विशेष रूप से सुसज्जित बोइंग 787-9 विमान का अवलोकन किया। उन्होंने इसे इस प्रकार के विमान की पहली डिलीवरी बताते हुए उम्मीद जतायी कि नए विमानों का आगमन भारतीय विमानन क्षेत्र को बड़ी मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह वर्ष विमानन क्षेत्र के लिए बहुत अच्छा रहेगा। केंद्र सरकार देश में विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों ने लोगों को हवाई यात्रा करने में सक्षम बनाया है। देश में लगभग 350 हवाई अड्डों का निर्माण सरकार का लक्ष्य है।

स्वदेशी विनिर्माण के साथ अन्य बड़ी नागर विमानन कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए विमानन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में विमानन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाना आवश्यक है। केंद्र सरकार भारत में स्वदेशी रूप से विमानों के निर्माण के लिए प्रयासरत है। केंद्रीय मंत्री ने आयोजन में सहयोग के लिए तेलंगाना सरकार का आभार व्यक्त किया।

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131 विमानन कंपनियाँ एक मंच पर

विंग्स इंडिया पर हालाँकि बारामती में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु के कारण कुछ हद तक शोक की छाया रही। चार दिवसीय कार्यक्रम में कुल 131 कंपनियाँ भाग ले रही हैं, जिनमें बोइंग, एयरबस, एम्ब्रायर जैसी वैश्विक विमान निर्माता कंपनियाँ तथा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड शामिल हैं। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। उद्घाटन दिवस पर व्यापारिक आगंतुकों और प्रतिनिधियों के लिए कुल 34 विमान और हेलीकॉप्टर प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शित विमानों में एचएएल का हिंदुस्तान 228 विमान, ध्रुव एएलच एनजी हेलीकॉप्टर और एलयूएच सिविल हेलीकॉप्टर, डसॉल्ट एविएशन का फाल्कन 6, एयरबस के एच125, एच160 ए एसीएच, ए321 नियो और ए220 तथा एम्ब्रायर के ई175 और ई195-2 प्रॉफिट हंटर शामिल हैं।

अवसर पर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विपिन कुमार ने घोषणा की कि एएआई एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावरों के स्वचालन, नेविगेशन सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचना के उन्नयन पर 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इनका उद्देश्य वर्ष 2028 तक भारत की विमानन अवसंरचना को भविष्य के लिए तैयार करना है। प्रदर्शनी में बोइंग ने समर्पित स्टॉल के माध्यम से अनुमान जताया कि भारत और दक्षिण एशिया में यात्री हवाई यातायात अगले दो दशकों में औसतन 7 प्रतिशत वार्षिक दर से बढ़ेगा। इस वृद्धि को संभालने के लिए क्षेत्र की एयरलाइनों को वर्ष 2044 तक लगभग 3,330 नए विमानों की आवश्यकता होगी।

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