एयरोस्पेस, रक्षा क्षेत्रों में करें निवेश : श्रीधर बाबू

हैदराबाद, आईटी और उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने अमेरिका के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि दल से एयरोस्पेस, डिफेंस, अंतरिक्ष क्षेत्रों में देश में अग्रणी रूप से आगे बढ़ रहे तेलंगाना में निवेश करने अमेरिकी उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम्स, एयरोस्पेस कंपोनेंट्स, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, एआई इन डिफेंस, सैटेलाइट सिस्टम्स, एडवांस्ड कम्युनिकेशन आदि क्षेत्रों में राज्य को ग्लोबल लीडर बनाने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है।

सचिवालय में आज यूएस नेशनल कॉलेज ऑफ वॉर के प्रतिनिधि दल ने मंत्री से मुलाकात की। मंत्री श्रीधर बाबू ने एयरोस्पेस, डिफेंस, अंतरिक्ष क्षेत्रों में राज्य में उपलब्ध अवसरों, यहाँ की अनुकूलताओं और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस नीतियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि रॉकेट निर्माण से लेकर अत्याधुनिक ड्रोन तक युद्धक विमानों के पुर्जों से लेकर उपग्रहों तक हर क्षेत्र में मेड इन तेलंगाना का निशान अब विश्वभर में दिखाई दे रहा है।
एयरोस्पेस, डिफेंस, स्पेस क्षेत्रों में तेलंगाना हर साल 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज कर रहा है। लॉकहीड मार्टिन, बोइंग, सफ्रान, एयरबस, डसॉल्ट एविएशन जैसी वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों के साथ डीआरडीओ, भेल, मिधानी, बीडीएल, आरसीआई, एचएएल जैसी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाएँ यहां संचालन कर रही हैं। इसके अलावा प्रिसिशन इंजीनियरिंग, ड्रोन, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में 1,500 से अधिक एमएसएमई तेलंगाना ब्रांड को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला रही हैं।
यह भी पढ़ें… मंत्री पोन्नम ने हेलमेट पहन दिया सड़क सुरक्षा का संदेश
एफडीआई रैंकिंग में हैदराबाद बना शीर्ष एयरोस्पेस सिटी
मंत्री ने बताया कि फाइनेंशियल टाइम्स एफडीआई रैंकिंग के अनुसार दुनिया का सबसे कॉस्ट-इफेक्टिव एयरोस्पेस सिटी के रूप में हैदराबाद पहले स्थान पर है। केंद्र सरकार से लगातार पाँच बार बेस्ट स्टेट फॉर एयरोस्पेस पुरस्कार जीतकर ग्लोबल एयरोस्पेस मैप पर तेलंगाना एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरा है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एयरोस्पेस, डिफेंस, अंतरिक्ष क्षेत्रों के लिए आवश्यक इकोसिस्टम राज्य में विकसित किया जा रहा है।

कंपनियों की स्थापना के लिए टीजीआईपास के माध्यम से 15 से 30 दिनों के भीतर अनुमतियाँ दी जा रही हैं। यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी के जरिए इस क्षेत्र के लिए आवश्यक रेडी टू स्किल वर्कफोर्स उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल निवेश ही नहीं, बल्कि तकनीक, अनुसंधान, निर्माण और कौशल विकास में अमेरिका के लिए एक विश्वसनीय दीर्घकालिक रणनीतिक भागीदार बनने हेतु तेलंगाना तैयार है।
एआई, साइबर सिक्योरिटी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियों, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के साथ मिलकर काम करने के लिए तेलंगाना तैयार है। अवसर पर अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के मंत्री काउंसलर पॉल नराइन ने कहा कि तेलंगाना जैसे प्रगतिशील राज्यों के साथ काम करने के लिए हम तैयार हैं। आने वाले दिनों में उस दिशा में कदम उठाएँगे। अमेरिका-तेलंगाना के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए पहल करेंगे।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



