पेंशन संबंधी आदेश का पालन न होने पर अधिकारी तलब

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हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने वित्त विभाग और विधि विभाग के प्रधान सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने के आदेश दिए हैं, यदि ज़िला न्यायालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने संबंधी पूर्व आदेशों का पालन नहीं किया जाता है।

महबूबनगर ज़िला न्यायालय ने वर्ष 2004 में अधिसूचना जारी की थी, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण कर्मचारियों ने वर्ष 2005 में कार्यभार ग्रहण किया। कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पुरानी पेंशन योजना से वंचित होने का आरोप लगाया। उच्च न्यायालय ने पहले कहा था कि कार्यभार ग्रहण न होने का कारण सरकार की देरी थी और उसी अधिसूचना में प्रशासनिक देरी के कारण बाद में कार्यभार ग्रहण करने वालों के लिए नई पेंशन योजना को लागू करना उचित नहीं था।

अदालत ने यह भी कहा कि एक ही अधिसूचना में पहले कार्यभार ग्रहण करने वालों को पुरानी पेंशन योजना अमल में लाई गई। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस पी. श्याम कोशी और जस्टिस नंदीकोंडा नरसिंग राव की खण्डपीठ ने गुरुवार को दायर अवमानना याचिकाओं पर एक बार फिर से सुनवाई की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि न्यायालय में आए कर्मचारियों की राय लेने के बाद भी उनकी माँग के अनुसार पेंशन योजना को लागू करने के पूर्व के आदेशों का पालन नहीं किया गया।

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अदालत ने एक बार फिर आदेश दिया कि पेंशन योजना के कार्यान्वयन के संबंध में पिछली सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों को 10 जून तक लागू किया जाए। अदालत ने इसके संबंध में एक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया और यदि आदेशों को लागू नहीं किया जाता है, तो दोनों विभागों के प्रधान सचिवों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना होगा।

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