एसीएमई सोलर ने राजस्थान में 2 गीगावॉट बीईएस क्षमता हासिल की

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नयी दिल्ली, एसीएमई सोलर ने राजस्थान में दो गीगावाट(जीडब्ल्यूएच) से अधिक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) क्षमता को चालू करने की बुधवार को जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि वह 2027 तक 10 जीडब्ल्यूएच बीईएसएस क्षमता चालू करने की योजना बना रही है।

एसीएमई सोलर होल्डिंग्स लिमिटेड ने बयान में कहा कि वह इस स्तर की ऊर्जा भंडारण क्षमता हासिल करने वाली पहली भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है। इसके साथ ही, राजस्थान में विभिन्न अनुषंगी कंपनियों के अंतर्गत कंपनी की कुल परिचालन बीईएस क्षमता 591.18 मेगावाट/2031.24 मेगावाट घंटा हो गई है।

ये बीईएसएस परियोजनाएं ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने और बिजली उपयोग को बेहतर बनाने के लिए तैयार की गई हैं। यह क्षमता ऊर्जा आपूर्ति और मांग के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी एवं समग्र ग्रिड स्थिरता में सुधार करेगी। एसीएमई सोलर के पास 8,071 मेगावाट का विविधीकृत खंड है जिसमें सौर, पवन, ऊर्जा भंडारण, एफडीआरई एवं हाइब्रिड समाधान शामिल हैं।

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कंपनी की अनुबंधित परिचालन क्षमता 2,990 मेगावाट और 2.0 गीगावाट बीईएस क्षमता है। साथ ही निर्माणाधीन अनुबंधित क्षमता 5,081 मेगावाट है जिसमें 15 गीगावाट बीईएस स्थापना शामिल है। एसीएमई ने कहा कि बिजली खरीद समझौतों के साथ निर्माणाधीन परियोजनाओं का उसका खंड 3,280 मेगावाट का है। (भाषा)

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