तेलंगाना विकसित होगा तो भारत विकसित होगा- मोदी

हैदराबाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तेलंगाना विकसित होता तो भारत विकसित होगा। केंद्र सरकार राज्यों के समान रूप से विकास को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। उन्होंने हैदराबाद के मंच से देशी ऊर्जा संसाधनों को मज़बूत करने के संकेत देते हुए नागरिकों का आह्वान किया कि विदेशी उत्पादों के उपयोग में संयम बरतना अनिवार्य है, ताकि वैश्विक संकट के समय देश सशक्त बनकर खड़ा रह सके।

तेलंगाना में 9400 करोड़ की परियोजनाओं का श्रीगणेश

प्रधानमंत्री मोदी ने साइबराबाद में स्थित एचआईसीसी में आयोजित एक कार्यक्रम में तेलंगाना में 9,400 करोड़ की विकास परियोजनाओं का श्रीगणेश किया। तेलंगाना की अपनी यात्रा के में प्रधानमंत्री ने वर्चुअल तरीके से वरंगल में पीएम मित्रा पार्क का उद्घाटन किया और ज़हीराबाद में औद्योगिक क्षेत्र की आधारशिला रखी। उन्होंने एएच 167 के हैदराबाद-पणजी कॉरिडोर में इकनॉमिक कॉरिडोर गुडेबेलुर से महबूबनगर सेक्शन का शिलान्यास किया।

काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के विभिन्न खंडों, मलकापुर-हैदराबाद ग्रीनफील्ड पीओएल टर्मिनल, काजीपेट रेल अंडर रेल बाईपास का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबराबाद का सामर्थ्य है। यह तेलंगाना के और देश के तेज़ विकास का प्रमुख केंद्र है। इसलिए साइबराबाद से तेलंगाना को देश का एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस बनाने के लिए अनेक बड़ी परियोजनाएं शुरू हो की जा रही हैं। इन परियोजनाओं से यहां हज़ारों नए रोजगार बनेंगे और तेलंगाना की कनेक्टिविटी भी सशक्त होगी।

पीएम मोदी ने कहा कि ज़हीराबाद औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण भारत सरकार के राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। यह क्षेत्र औद्योगिक स्मार्ट सिटी बनने जा रहा है। यहाँ विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना विकसित होगी और बेहतरीन ऊर्जा आपूर्ति, आत्याधुनिक होगा, यानी दुनियाभर के निवेशकों के लिए यहां हर वो सुविधा होगी, जो इंडस्ट्री के लिए उन्हें जरूरी है। यहां बनने वाली गाड़ियां, मशीनरी, यहां लगने वाले फूड प्रोसेसिंग उद्योग, ये तेलंगाना के श्रमिकों और किसानों को भी सशक्त करेंगे।

पीएम ने कहा कि अतीत में जब भारत दुनिया की बहुत बड़ी इकोनॉमी था, तब हमारे वस्त्र उद्योग की बड़ी भूमिका थी। अब हम अपनी उस विरासत को फिर से सशक्त कर रहे हैं। वरंगल का पीएम मित्र पार्क, देश में टेक्सटाइल क्रांति को गति देगा। पीएम मित्र पार्क में लगने वाली यूनिट्स को केंद्र सरकार की योजनाओं का भी पूरा लाभ मिलेगा। उन्हें केंद्र सरकार की पीएलआई स्कीम से भी मदद मिलेगी। इससे बहन-बेटियों के लिए भी अनेक अवसर बनने वाले हैं। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों में भारत सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता, आधुनिक कनेक्टिविटी भी रही है।

सड़कें, रेल, एयरपोर्ट, कनेक्टिविटी के हर मोड पर अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है। करीब पौने दो लाख करोड़ रुपए का निवेश राष्ट्रीय राजमार्गों पर किया गया है। और इसका बहुत बड़ा लाभ तेलंगाना को भी हो रहा है। बीते 12 वर्षों में तेलंगाना में नेशनल हाईवे का नेटवर्क डबल हुआ है। तेलंगाना और कर्नाटक को जोड़ने वाले राजमार्गों के विस्तारीकरण से बहुत सुविधा होगी। इससे ट्रैवल टाइम कम होगा और किराए-भाड़े में भी बचत होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 से पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश के लिए एक हज़ार करोड़ रुपए से भी कम का रेलवे बजट होता था। आज केवल तेलंगाना का रेलवे बजट ही लगभग साढ़े पांच हज़ार करोड़ रुपए का है। वर्तमान में करीब 50 हज़ार करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। तेलंगाना में पांच वंदे भारत और 6 अमृत भारत ट्रेनें भी चल रही हैं। आज शुरू किये गये काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के कुछ सेक्शन्स का लोकार्पण हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है। मलकापुर में इंडियन ऑयल के नए टर्मिनल का उद्घाटन इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

विदेशी उत्पादों के उपयोग पर संयम बरतने की सलाह

यह टर्मिनल तेलंगाना की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करेगा तथा सप्लाई चैन को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सोलर पावर के मामले में भारत दुनिया के टॉप देशों में पहुंच चुका है। पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर अभूतपूर्व काम हुआ है। सरकार अब हम पाइप से सस्ती गैस पर फोकस कर रही है, सीएनजी आधारित व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे तमाम प्रयासों के कारण भारत, इस बहुत बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, लेकिन अब आज पेट्रोल-डीज़ल-गैस, ऐसी चीज़ों का बहुत संयम से इस्तेमाल करना समय की मांग है। विशेषकर जो ऊर्जा उत्पाद विदेशों से मंगाते हैं, उनके बारे में प्रयास करना होगा कि जितनी ज़रूरत है, उतना ही उपयोग करें। इससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी, और युद्ध के संकट से होने वाले दुष्प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तेलंगाना का युवा नए सपने देख रहा है। यहां का किसान नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ना चाहता है। यहां के उद्योग, यहां के एमएसएमई, यहाँ के स्टार्टअप्स, सब एक विकसित तेलंगाना के निर्माण में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। क्योंकि तेलंगाना विकसित होगा तो भारत विकसित होगा। उन्होंने कहा, “मैं तेलंगाना के हर परिवारजन को ये भरोसा दिलाता हूं कि आपके सपने पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ही, इससे भी और तेज गति से काम करती ही रहेगी।”

….. तो आधा हो जाएगा, जो आपको मिल रहा है

प्रधान मंत्री मोदी ने सरकारी मंच से राजनीति की बात न करने की बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान का जवाब देते हुए कहा, “अब हमारे रेवंत जी ने कहा था कि हां हम राजनीतिक बात नहीं करेंगे, तो मैं भी नहीं करूंगा, और इसलिए नॉन पोलिटिक्ल बात मैं रेवंता जी से कहूंगा कि 10 साल के शासन में भारत सरकार ने जितना गुजरात को दिया, वो मैं आपको देने को तैयार हूं, लेकिन मेरी जानकारी से मैं आपको बता देता हूं कि जैसे ही मैं ऐसा करूंगा, आपको जो अभी मिल रहा है, वो आधा हो जाएगा। आप जहां पहुंचना चाहते हैं, नहीं पहुंच पाएंगे। और इसलिए अच्छा है कि मेरे से ही जुड़ों।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लोकतंत्र में राज्यों में अलग-अलग प्रकार की सरकारें होना कोई बुरी चीज नहीं है, लेकिन देश के विकास के लिए, राज्यों का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव ही नहीं है। इसलिए केंद्र की सारी योजना के केंद्र बिंदु में राज्यों का विकास हो, तेज गति से विकास हो। उसी भाव से सब को मिलकर चलना होगा। तभी 2047 विकसित भारत का सपना सिद्ध होगा।

देश के विकास में तेलंगाना निभाएगा दस प्रतिशत की भागीदारी: रेवंत रेड्डी

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना देश के विकास में दस प्रतिशत की भागीदार निभाने का लक्ष्य रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एचआईसीसी में विभिन्न परियोजना के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेते हुए रेवंत रेड्डी ने विकास, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और तेलंगाना के भविष्य पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि यह केवल केंद्र सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकास का उत्सव है। राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय विकास सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता है। पहले भारत, फिर जनता और उसके बाद पार्टी की भावना से ही वे काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित विकसित भारत 2047 अभियान में तेलंगाना सरकार सहभागी है और उन्हें तेलंगाना राइजिंग नीति के माध्यम से केंद्र का पूरा सहयोग किया जा रहा है। काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क और रेलवे परियोजनाओं के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री के आगमन पर प्रसन्नता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री विकास पर ध्यान केंद्रित करने की यात्रा पर तेलंगाना में हैं। राज्य सरकार तेलंगाना को देश का नंबर 1 राज्य बनाने के लिए काम कर रही है। रेवंत रेड्डी ने याद दिलाया कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के सहयोग से गुजरात मॉडल विकसित हुआ था। उन्होंने उम्मीद जताई कि उसी भावना के साथ प्रधानमंत्री तेलंगाना राज्य पर आशीर्वाद बनाए रखेंगे।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि देश के 30 ट्रिलियन के लक्ष्य में तेलंगाना की 10 प्रतिशत की भागीदारी होगी। तेलंगाना 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। देश की बड़ी आर्थिक प्रगति महानगरों से आती है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह बड़े महानगरों का विकास भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए जरूरी है।

सुझाव दिया कि इन छह मेट्रो शहरों से जुड़े राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट्स की त्वरित मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में एक विशेष सिंगल विंडो टास्क फोर्स बनाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे मूसी नदी परियोजना, मेट्रो रेल विस्तार, रेडियल रोड और हैदराबाद से मछलीपट्टनम तक 12 लेन सड़क परियोजना जैसे मुद्दों पर विशेष समीक्षा करें। तेलंगाना की लंबित परियोजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की राज्य की जनता को उम्मीद है।

तेलंगाना के विकास में केंद्र का पूरा सहयोग- किशन रेड्डी

केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार बिना किसी भेदभाव के तेलंगाना के विकास में अपना सहयोग देगी। तेलंगाना को प्रधानमंत्री मोदी के उस विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभानी चाहिए, जिसके तहत भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि रीजनल रिंग रोड परियोजना को केंद्र ने तीन साल पहले ही मंज़ूरी दे दी थी।

इस परियोजना पर काम तब शुरू होगा, जब ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंज़ूरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि 2014 तक तेलंगाना में 2,400 किलोटीमीर के राष्ट्रीय राजमार्ग थे, वहीं केंद्र ने पिछले 11 वर्षों में 2,600 किलोमीटर अतिरिक्त नए राजमार्गों का निर्माण किया है। राज्य भर में 42 रेलवे स्टेशनों पर आधुनिकीकरण का काम अभी चल रहा है। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन को 220 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है।

इस साल के अंत तक यह स्टेशन शमशाबाद हवाई अड्डे की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार हो जाएगा। चेरलापल्ली रेलवे स्टेशन को भी हाल ही में चालू किया गया है। राज्य में इस समय कई प्रतिष्ठित परियोजनाएं जैसे कि सम्मक्का-सरक्का केंद्रीय विश्वविद्यालय, एक रेलवे निर्माण इकाई और एम्स अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। केंद्र ने तेलंगाना को रामागुंडम उर्वरक संयंत्र और 13,000 करोड़ की एनटीपीसी बिजली परियोजनाएं सौंपी हैं। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय, मंत्री वेंकट रेड्डी, सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी एवं अन्य उपस्थित थे। 

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