मूसी नदी जल शुद्धिकरण के लिए केंद्र से माँगा गया है 3,188 करोड़ का अनुदान
हैदराबाद, विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि मूसी नदी जल शुद्धिकरण के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एन.आर. सी.पी) के अंतर्गत 3,188 करोड़ रुपये देने का आग्रह किया गया है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सत्तापक्ष के विधायक बालू नायक सेनावत, के. शंकरय्या व विधायक मलरेड्डी रंगा रेड्डी द्वारा मूसी नदी सौंदर्यीकरण योजना पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि इसके लिए प्रिलिमिनरी प्रॉजेक्ट रिपोर्ट (पीपीपी) सौंप दी गई है।
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से अनुमति मिलते ही डीटेल्ड प्रॉजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि मूसी सौंदर्यीकरण परियोजना का पहला चरण 55 किमी में से 21 किमी (गंडीपेट, हिमायतसागर से लंगरहाउज के बापूघाट तक) जोन-1 के तहत एमआरडीसीएल द्वारा किया जाएगा।
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इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने 4,100 करोड़ रुपये कर्ज देने सहमति जता दी है। उन्होंने बताया कि प्रॉजेक्ट को 5 जोनों में विभाजित किया गया है । मूसी नदी परिवाहक प्रांत विकास प्रॉजेक्ट की योजना बनाने के कार्य मेसर्स मेनहर्ट सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड (लीड मेंबर), कुशमन एंड मेकफील्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड व मेसर्स आरआईओएस डिजाइन स्टूडियो प्राईवेट लिमिटेड कंसोर्टियम को नियुक्त किया गया है। उन्होंने मीरआलम टैंक पर ब्रिज निर्माण कार्य केएनआर कंस्ट्रक्शन्स लिमिटेड को दिए जाने की जानकारी दी।
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