ओवैसी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश अंतिम फैसले के अधीन
हैदराबाद, तेलंगाना हाईकोर्ट ने निर्देश दिये कि सल्कम चेरुवु पर अतिक्रमण कर बनाए गए ओवैसी एजुकेशनल कैंपस में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए प्रवेश अंतिम निर्णय के अधीन होंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि ओवैसी एजुकेशनल कैंपस में प्रवेश लेना छात्रों और उनके अभिभावकों के अपने जोखिम पर होगा।
सल्कम चेरुवु पर अतिक्रमण कर निर्मित ओवैसी शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई न करने को चुनौती देते हुए विजय गोपाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एन.वी. श्रवण कुमार की अदालत ने कहा कि यदि अवैध निर्माणों से संबंधित इस याचिका में प्रतिकूल आदेश जारी होते हैं, तो छात्र या अभिभावक किसी भी प्रकार का अधिकार दावा नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यह बात छात्रों को स्पष्ट रूप से बताई जाए।
अदालत ने आश्चर्य व्यक्त किया कि हैदराबाद क्षेत्र में 26 झीलों को एफटीएल के रूप में नोटिफाई किया जा चुका है, लेकिन केवल सल्कम चेरुवु के लिए अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की गई। अदालत ने राजस्व और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वे कराकर एफटीएल की अंतिम अधिसूचना जारी करने और अवैध निर्माणों की पहचान कर दो सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
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अदालत ने कहा कि सैटेलाइट साक्ष्यों से प्रतीत होता है कि सल्कम चेरुवु में अवैध निर्माण किए गए हैं, इसलिए कॉलेज में छात्रों के प्रवेश से पहले इस याचिका पर विचार आवश्यक है। सल्कम चेरुवु में आगे किसी भी निर्माण की अनुमति न देने के निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 30 अप्रैल तक स्थगित कर दी गयी।
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