एआईओसीडी: अवैध ई-फार्मेसियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

हैदराबाद, देशभर के 9 लाख से अधिक केमिस्टों का प्रतिनिधित्व करने वाले अखिल भारतीय केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठन (एआईओसीडी) ने ऑनलाइन फार्मेसी प्लेट़फॉर्म द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 का उल्लंघन करते हुए के अवैध और अनियमित संचालन दवाइयाँ बेचना जारी रखने पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर अवैध ई-फार्मेसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

साथ ही जीएसआर 220(ई) और जीएसार 817(ई) को वापस लेने का आग्रह किया।आज यहां एआईओसीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे एस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संघ ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल को संबोधित एक औपचारिक पत्र में, एआईओसीडी ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा बार-बार शिकायतें भेजे जाने के बावजूद, राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों (एसएलए) द्वारा निरंतर निक्रियता पर प्रकाश डाला है।

एआईओसीडी ने अवैध ई-फार्मेसियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

22 जुलाई को राज्यसभा में मंत्री के उत्तर में कहा गया था कि दवाओं की अनधिकृत बिक्री से संबंधित शिकायतें एसएलए को भेजी जाती हैं, लेकिन एआईओसीडी ने बताया कि देश भर में किसी भी एसएलए द्वारा कोई प्रत्यक्ष या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए, संघ की एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई), डॉ. राजीव रघुवंशी से मुलाकात कर अपनी मांग रखी, जिसमें बिना किसी वैध लाइसेंस या निगरानी के संचालित सभी अवैध ई-फार्मेसियों, जिनमें क्विक कॉमर्स प्लेयर्स भी शामिल हैं, पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गयी।

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एआईओसीडी ने आगे के कानूनी दुरुपयोग को रोकने के लिए जीएसआर 817(ई) और जीएसआर 220(ई) को तत्काल वापस लेने, सभी अवैध ऑनलाइन फार्मेसियों के विरुद्ध सीडीएससीओ द्वारा केंद्रीकृत प्रवर्तन कार्रवाई करने और सरकारी निर्देशों पर सभी अवैध ई-फार्मेसियों के विरुद्ध राज्य एसएलए द्वारा तत्काल कार्रवाई करने की मांग भी की।

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