अनुराग कश्यप बोले : ‘धड़क 2’ सुनहरे दौर की याद दिलाने वाली फिल्म है
मुंबई, फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने शाज़िया इक़बाल की हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘धड़क 2’ की प्रशंसा करते हुए इसकी तुलना राज कपूर, बिमल रॉय, गुरु दत्त, के. ए. अब्बास, बी. आर. चोपड़ा और यश चोपड़ा जैसे दिग्गज निर्देशकों के काम से की है।
शनिवार को साझा की गई एक लंबी इंस्टाग्राम पोस्ट में कश्यप ने मुख्य कलाकारों सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी की सराहना की और कहा कि ‘धड़क 2’ दर्शाता है कि “मुख्यधारा का सिनेमा वास्तव में कैसा होना चाहिए।”
अनुराग कश्यप ने ‘धड़क 2’ को खूब सराहा
अनुराग ने ‘धड़क 2’ के कई चित्र और पोस्टर साझा किए। उन्होंने शाज़िया की इस बात के लिए तारीफ की कि उन्होंने “हमारे सामने वह भारत रखा जो वास्तव में है।” उन्होंने लिखा, “बहुत लंबे समय में देखी गई सबसे तीव्र मुख्यधारा की शुरुआतों में से एक में, @shaz.3.0 हमें उस भारत का आईना दिखाती हैं जो हमारे बुलबुले से बाहर है।

इसमें @tripti_dimri, @siddhantchaturvedi, @saurabhsachdeva77, @saadcasm_, @priyanktiwarii, @itsharishkhanna, @manjiripupala, और @vipin.sta के शानदार अभिनय और #badwelkar की लेखनी, @sylvesterfonseca की सिनेमैटोग्राफी का योगदान है।”
अनुराग कश्यप ने ‘धड़क 2’ की तुलना राज कपूर और गुरु दत्त की फिल्मों से की
उन्होंने कहा कि “सामाजिक महत्व वाली मुख्यधारा की फिल्में अब फिल्म निर्माताओं की प्राथमिकता नहीं रहीं। यह फिल्म उन चर्चाओं को सामने लाती है जिनसे हम रोज़ बचते हैं। यही मुख्यधारा का सिनेमा था और यही वो काम था जो राज कपूर, बिमल रॉय, गुरु दत्त, के. ए. अब्बास, बी. आर. चोपड़ा, यश चोपड़ा और कई अन्य करते थे।
हम सामाजिक महत्व वाली मुख्यधारा की फिल्में बनाना भूल गए हैं। ये अब स्वतंत्र आर्ट हाउस सिनेमा तक सीमित हो गई हैं। तमिल सिनेमा और दक्षिण का सिनेमा आज भी ये करता है।”
अनुराग कश्यप के अनुसार ‘धड़क 2’ “सीधा दिल पर लगने वाली फिल्म” है
‘धड़क 2’ एक दलित लॉ छात्र निलेश की कहानी बयां करती है, जो एक ऊंची जाति की लड़की विधि से प्यार करता है और इसके चलते उसे अपने परिवार की ओर से अपमान और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह फिल्म भारत में जातिवाद और वर्गवाद जैसे मुद्दों पर बात करने वाली बॉलीवुड की कुछ गिनी-चुनी मुख्यधारा की रोमांटिक फिल्मों में से एक है, जिसे काफी सराहना मिली है।
अनुराग ने ‘धड़क 2’ को “बेहद साहसी और प्रभावशाली फिल्म” बताया। उन्होंने लिखा, “पेरियारुम पेरुमल का मुख्यधारा रूपांतरण, बिना उसकी आत्मा खोए हुए, ‘धड़क 2’ एक सीधा झटका है। मेरे साथ गया ड्राइवर फिल्म के अंत में रो पड़ा और तब से बोलता ही जा रहा है। यह @dharmamovies की बेहद साहसी और शक्तिशाली फिल्म है।
इसे खुद देखें। मैं ज़्यादा कुछ नहीं कहूंगा। पूरी टीम को बधाई। @prashant316, @animeshpanwar, @sanyukta_mohta और अन्य जिनके नाम मुझे नहीं मालूम। शानदार काम। @somenmishra @karanjohar।”
‘धड़क 2’ के बारे में
‘धड़क 2’ की कहानी समाज के नियमों को चुनौती देती है और प्रेम को एक नई दृष्टि से पेश करती है। यह फिल्म 1 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। फिल्म में सिद्धांत का किरदार एक ऐसा प्रेम संबंध बनाता है जो सामाजिक मानदंडों और वर्ग विभाजन से परे है।
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2018 में रिलीज़ हुई जान्हवी कपूर और ईशान खट्टर अभिनीत फिल्म ‘धड़क’ का यह एक भावनात्मक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील अगला अध्याय है। ‘धड़क’ मराठी फिल्म ‘सैराट’ का हिंदी रूपांतरण थी।
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