बद्रुका कॉलेज में मनाया गया विदाई एवं वार्षिक दिवस समारोह
हैदराबाद, बद्रुका कॉलेज ऑ़फ कॉमर्स एंड आर्ट्स द्वारा सिकंदराबाद के क्लासिक गार्डन में छात्रों का विदाई और वार्षिक दिवस समारोह सयोनारा 2026 भव्यता से मनाया गया।










कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ईवाई में ग्लोबल ट्रांजिशन लीडर (असोसिएट डायरेक्टर) डॉ. विनायक मिश्रा, जो कॉलेज के 1994 बैच के छात्र हैं, ने जीवन यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के इस निरंतर बदलते संसार में परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता (अनुकूलनशीलता) कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वह भविष्य की अनिश्चितताओं को विकास और आगे बढ़ने के एक अवसर के रूप में स्वीकार करें।
डॉ. मिश्रा ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सफलता का मार्ग शायद ही कभी सीधा और सरल होता है। इसके विपरीत सफलता की प्राप्ति के लिए दृढ़ता, निरंतर सीखने की ललक और स्वयं में आवश्यक बदलाव लाने का साहस होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सकारात्मक और सचेत दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए जीवन में प्रतिस्पर्धा के बजाय ईमानदारी और बाहरी मान्यता के बजाय आंतरिक कल्याण को महत्व दिया। उन्होंने छात्रों से उत्कृष्टता की ओर बढ़ते हुए मूल्यों से जुड़े रहने का आग्रह किया।
साथ ही यह बताया कि ईमानदारी और भावनात्मक बुद्धिमत्ता उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी पेशेवर दक्षता। सचिव श्रीकिशन बद्रुका ने अपने संबोधन में छात्रों से आग्रह किया कि वह संस्था द्वारा सिखाए गए मूल्यों को हमेशा बनाए रखें और समाज के विकास में सार्थक योगदान दें। उन्होंने कहा कि सफलता की परिभाषा केवल पेशेवर उपलब्धियों से ही तय नहीं होती, बल्कि इस बात से तय होती हैं कि कोई व्यक्ति अपने कार्यों से समाज पर कितना गहरा और सकारात्मक प्रभाव डालता है।
छात्रों के धैर्य व समर्पण की सराहना
महानिदेशक प्रो. एस. अभिराम कृष्ण ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सच्ची शिक्षा केवल कक्षा की चारदीवारी तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि यह ऐसे व्यक्तियों का निर्माण करती है, जो न केवल सक्षम हों, बल्कि कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह से सजग और जिम्मेदार भी हों। प्राचार्य डॉ. बी. मोहन कुमार ने छात्रों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास पर विचार रखे। उन्होंने छात्रों के धैर्य और समर्पण की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह पूरी ईमानदारी और उद्देश्य के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे।
उप-प्राचार्य (प्रशासन और छात्र मामले) डॉ. पी. वेंकटैया द्वारा प्रस्तुत संस्थागत रिपोर्ट में छात्र जीवन की जीवंतता, अनुशासन और पाठ्येतर गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। रिपोर्ट को उप-प्राचार्य (शिक्षा और परीक्षा) मितेश कडाकिया की रिपोर्ट से और भी बल मिला। उन्होंने कॉलेज की शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित कर पास होकर निकलने वाले बैच की शैक्षणिक उपलब्धियों का विस्तार से विवरण दिया।
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कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कॉलेज पत्रिका सृजना (2025-2026) और हिन्दी पत्रिका प्रतिभा का विमोचन रहा, जो रचनात्मक अभिव्यक्ति, भाषाई विविधता और बौद्धिक जुड़ाव के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक था। यह प्रकाशन छात्रों की साहित्यिक प्रतिभा और चिंतनशील सोच का जीवंत प्रमाण थे। अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को सम्मानित करते हुए छात्रों को पुरस्कार वितरित किये गये। साथ ही अतिथियों का अभिनंदन किया गया।
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