भाजपा की नीयत हार गई: रेवंत रेड्डी का हमला

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हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने को लेकर भाजपा की जमकर खिंचाई की। उन्होंने अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि अगर मनचाहा बहुमत मिल जाए, तो संविधान बदल देना और सभी वर्गों के आरक्षण को खत्म कर देना ही भाजपा की सोच है। इसी लक्ष्य से भाजपा ने ‘चार सौ पार’ के नारे के साथ 2024 के चुनाव लड़ा था।

हालाँकि जनता जागरूक हुई और भाजपा को 240 सीटों तक ही सीमित कर दिया। संविधान बदलने और आरक्षण हटाने के लिए भाजपा को दो तिहाई बहुमत चाहिए। अब महिला आरक्षण, निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्विभाजन, सीटों की बढ़ोतरी जैसे बिलों के बहाने संविधान बदलने और आरक्षण ख़त्म करने की भाजपा की एक और कोशिश को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मिलकर हराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान बदलने की कोशिशों को देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री ने आज दिल्ली के तुगलक रोड स्थित अपने आधिकारिक निवास पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि बिलों का गिरना केवल केंद्र की सत्ताधारी पार्टी की हार नहीं, बल्कि भाजपा की नीयत की हार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत ठीक न होने के कारण ही संविधान संशोधन बिल गिर गया। भाजपा सरकार की गलत मंशा संसद में हार गयी है। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि मोदी और भाजपा अब कांग्रेस को ऐसा बदनाम करने में लगे हुए हैं कि जब हमने महिला आरक्षण लागू करने की सोची, तो कांग्रेस ने उनके रास्ते में रुकावट डाली।

देश की सेवा करने में हम किसी से कम नहीं

वर्तमान लोकसभा की 543 सीटों में से 1/3 सीटें और राज्यों की विधानसभाओं में भी 1/3 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने के लिए महिला आरक्षण पर सोमवार तक नया विधेयक बनाकर संसद के सामने लाने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि ऐसा बिल लाया जाए, तो इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर 2023 की तरह हम उनका समर्थन करेंगे। सोमवार को बिल पास करके मंगलवार से ही इस क़ानून को लागू किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्विभाजन के लिए सर्वदलीय बैठकों का आयोजन करने के अलावा विशेषज्ञों से परामर्श करने और हर राज्य सरकार की राय ली जानी चाहिए। इसी प्रकार हर लोकसभा क्षेत्र में जनमत संग्रह किया जाना चाहिए और राष्ट्रीय सहमति बनाने की कोशिश की जानी चाहिए।

संबंधित राज्यों से परामर्श करके विधानसभा में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने भाजपा को उत्तर और दक्षिण राज्यों के बीच विभाजन पैदा कर दीवारें खड़ी न करने का हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दक्षिणी राज्य भी देश का हिस्सा है। देश की सेवा करने में हम किसी से कम नहीं हैं। देश को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है।

रेवंत रेड्डी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा से अपनी ईमानदारी को साबित करने की चुनौती देते हुए कहा कि 2011 की जनगणना और अन्य डेटा चुनाव आयोग के पास हैं। इसी प्रकार 2009 में परिसीमन हुआ था। उन आंकड़ों के आधार पर 15 अगस्त 2026 तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह आरक्षण लागू किया जाएगा, तो तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में मैं जिम्मेदारी लेकर दक्षिणी राज्यों के

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मुख्यमंत्री स्टालिन, पिनराई विजयन, सिद्धरामय्या, चंद्रबाबू नायडू, और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रंगासामी से चर्चा करूंगा। इंडिया गठबंधन के नेताओं का समर्थन भी जुटाऊंगा। उन्होंने आगे कहा कि 2023 में पारित बिल में संशोधन करना चाहेंगे, तो एक छोटे बदलाव से ही आरक्षण लागू किया जा सकता है। लेकिन भाजपा का उद्देश्य संविधान में बदलाव करना और आरक्षण हटाना है। संसद में जो हुआ उसे 140 करोड़ देशवासियों ने देखा है। इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण के मामले में कांग्रेस पार्टी की नीयत पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।

देश के भविष्य और एकता को कमज़ोर करने और देश की राजनीतिक तस्वीर को बदलने वाला बिल केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लाया, जिसे विपक्षी दलों ने हरा दिया। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा द्वारा लायी गयी परिसीमन नीति दक्षिणी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और छोटे राज्यों को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुँचाने वाली है। देश और लोकतंत्र को कमजोर करने वाली है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की नीतियों के आधार पर ही दक्षिणी राज्यों ने परिवार नियोजन अपनाया, जिसके परिणामस्वरूप यहाँ की जनसंख्या कम हो गई। उन्होंने सवाल किया कि देश के प्रति वफादार रहे दक्षिणी राज्यों को प्रोत्साहित करने के बजाय दंडित करना कैसे सही है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के विभाजन पर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतीत में ‘माँ को मारकर बच्चे को बचाया’ कहते हुए राज्य विभाजन पर कई बार नफरत दिखाई। अब उसी राह पर सांसद तेजस्वी सूर्या चल रहे हैं। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी और उस पार्टी के सांसद लक्ष्मण केवल मोदी का ध्यान आकर्षित कर प्रमोशन पाने की कोशिश कर रहे हैं। जनता की राय की परवाह नहीं कर रहे हैं।

बय्यारम में ग्रीन स्टील प्लांट स्थापित करने की माँग

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से बय्यारम में ग्रीन स्टील प्लांट स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ग्रीन स्टील प्लांट की स्थापना से इस्पात की कमी दूर होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी लाभ होगा। उन्होंने आज दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने तेलंगाना राइजिंग – 2047 विजन के तहत तैयार औद्योगिक प्रस्तावों की जानकारी केंद्रीय मंत्रियों को दी। उन्होंने तेलंगाना में पुराने वाहनों के स्क्रैप से इस्पात की रीसाइक्लिंग करने वाले उद्योग की स्थापना करने का अनुरोध किया।

उपलब्ध तकनीक, भारी उद्योगों और औद्योगिक उत्पादन के अनुकूल परिस्थितियों के कारण हैदराबाद देश के औद्योगिक उत्पादन लक्ष्यों का केंद्र बन सकता है। उन्होंने हैदराबाद में हाइड्रोजन तकनीक के साथ ग्रीन स्टील क्लस्टर, ऑटो और रक्षा क्षेत्रों के लिए आवश्यक उत्पादों के निर्माण उद्योग और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए ईवी बैटरी निर्माण केंद्र स्थापित करने का अनुरोध भी किया।

इसके अलावा मशीन टूल्स और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक उपकरणों के निर्माण के लिए एक विशेष पार्क स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से हैदराबाद को 2034 तक प्रदूषण-मुक्त शहर बनाने के लक्ष्य के साथ वाहनों को ईवी में बदलने में सहयोग देने का अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने आधुनिक उद्योगों के लिए आवश्यक कौशल सिखाने वाले राष्ट्रीय स्तर के संस्थान हैदराबाद में स्थापित करने का आग्रह किया।

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