बंडी ने की भूमि अधिग्रहण का फैसला वापस लेने की माँग
हैदराबाद, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने कांचा गच्चीबावली में 400 एकड़ भूमि की नीलामी के फैसले को तुरंत वापस लेने की माँग की। केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों में केंद्र की मंजूरी के बिना वनों की कटाई पर स्पष्ट रूप से रोक है, इसके बावजूद सभी नियमों को ताक पर रखकर वन संपदा को नष्ट किया जा रहा है।
संबंधित 400 एकड़ भूमि वन सीमा के अंतर्गत आती है, प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर पेड़ों को काट रही है, पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि कभी कांग्रेस द्वारा ही संबंधित भूमि के पक्ष में विरोध प्रदर्शन किया गया था, अब वे अवसरवादिता की चरम सीमा दर्शा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि भविष्य का शहर अमीरों के लिए, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए लाठियां?, क्या यही कांग्रेस का मॉडल है।
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लक्ष्मण ने की एचसीयू की भूमि संरक्षित करने की मांग
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने प्रदेश सरकार द्वारा हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से सटी 400 एकड़ भूमि नीलाम करने के फैसले की निंदा की। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मण ने संबंधित भूमि का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए सदन का ध्यानाकर्षण भी किया। उन्होंने बताया कि 400 एकड़ भूमि वर्ष 1974 में शिक्षा और अनुसंधान के लिए हैदराबाद विश्वविद्यालय को आवंटित की गई थी।
एचसीयू छात्रों के बयानों का हवाला देते हुए बताया कि बीच-बीच में सरकार ने विश्वविद्यालय से संबंधित बड़े पैमाने पर भूमियों का अधिग्रहण किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की जमीन कथित तौर पर आईआईआईटी परिसर, गच्ची बावली स्टेडियम, एचसीयू बस स्टॉप, बिजली स्टेशन, स्कूल और शूटिंग रेंज जैसी परियोजनाओं के लिए ली गई थी।
डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा छात्रों के प्रदर्शन, पर्यावरण के रख-रखाव के प्रति गंभीरता दिखाते हुए प्रदेश सरकार को अपना फैसला वापस लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि न केवल विद्यार्थियों के लिए इस भूमि को संरक्षित करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए आवश्यक संसाधन संरक्षित रहे।
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