आरटीसी हड़ताल वापस लें, 29 मांगें मानने को तैयार: मंत्री पोन्नम प्रभाकर

हैदराबाद, राज्य के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने आरटीसी कर्मचारियों से हड़ताल तुरंत वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि निगम ग्रामीण गरीबों के लिए “लाइफलाइन” है और इसे प्रभावित करना जनहित के खिलाफ है। आज यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि आरटीसी की बसों में प्रतिदिन करीब 65 लाख यात्री सफर करते हैं, जिनमें लगभग 40 लाख महिलाएं शामिल हैं। ये लोग नौकरी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरतों के लिए बसों पर ही निर्भर हैं, इसलिए हड़ताल से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों द्वारा उठाए गए 32 मुद्दों में से 29 पर सरकार समाधान के लिए तैयार है, जबकि बाकी तीन मुद्दों पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की समिति चर्चा कर रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले इसी उद्देश्य से उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई थी और चार सप्ताह का समय मांगा गया था।
मंत्री ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के साथ पांच घंटे से अधिक चर्चा के बावजूद अचानक हड़ताल पर जाना एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं के. चंद्रशेखर राव और टी. हरीश राव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राजनीतिक लाभ के लिए कर्मचारियों को भड़का रहे हैं और महालक्ष्मी योजना को भी बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
1134 लोगों को अनुकम्पा नियुक्तियां दी गईं
प्रभाकर ने कहा कि सरकार आरटीसी को हर महीने 300 से 400 करोड़ रुपये तक आर्थिक सहायता दे रही है। कर्मचारियों के हित में 280 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए गए, 1134 लोगों को अनुकम्पा नियुक्तियां दी गईं और सेवा से हटाए गए 250 से अधिक कर्मचारियों को फिर से रोजगार दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार श्रम शोषण के खिलाफ है और डिपो स्तर पर समीक्षा कर कार्यभार कम करने के लिए भी तैयार है। विलय, यूनियन गठन और पीआरसी जैसे मुद्दों पर भी सरकार सकारात्मक रुख अपनाए हुए है और इन पर समिति जल्द ही रिपोर्ट देगी।इलेक्ट्रिक बसों के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि यह केंद्र सरकार की योजना है और इससे किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। राज्य को 2 हजार ईवी बसें मिल रही हैं, जिससे प्रदूषण कम होगा और सेवाएं बेहतर होंगी।
मंत्री ने कर्मचारियों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील करते हुए हड़ताल के जरिए जनता को परेशान न करने की भी विनती की। उन्होंने कहा कि आरटीसी 40 हजार कर्मचारियों के परिवारों और करोड़ों यात्रियों से जुड़ी है। इसे कमजोर करने की साजिशों से बचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है, कर्मचारी बिना शर्त हड़ताल समाप्त कर अपने कार्यों पर वापस लौटकर निगम की प्रगती में सहयोग करें।
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