बजट व्यय की तिमाही समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, बजट पेश करने के बाद आगे की कार्रवाई करने का फैसला सरकार ने किया है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सार्वजनिक निधियों के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए बजट आवंटन और विभागीय व्यय की तिमाही समीक्षा शुरू करने वाले हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

यह कदम पिछली बीआरएस व्यवस्था से एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है, जिसे आवंटन और वास्तविक व्यय के बेमेल होने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। हाल ही में संपन्न बजट सत्र में रेवंत रेड्डी ने बीआरएस की व्यवस्था की आलोचना की थी। उन्होंने तब के बजट को धोखाधड़ी वाला बजट करार दिया था, क्योंकि पिछले एक दशक में आवंटन और खर्च ड के बीच 15 से 30 प्रतिशत का अंतर था। मुख्यमंत्री ने इस अंतर को 5 प्रतिशत से कम करने और 2025-26 वित्तीय वर्ष में 95 प्रतिशत से अधिक बजट का उपयोग सुनिश्चित करने का वादा किया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लक्ष्य सभी चार तिमाहियों में व्यय को समान रूप से वितरित करना है। पिछली प्रवृत्ति के विपरीत, जब अंतिम तिमाही में खर्च जल्दबाजी में किया जाता था। आमतौर पर बजट रिलीज ऑर्डर (बीआरओ) अंतिम तिमाही में जारी किए जाते थे, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर लॉजिस्टिक चुनौतियों और फंड की अनुपलब्धता के कारण फंड खर्च नहीं हो पाता था।

यह भी पढ़ें… सुचारू रूप से चली विधानसभा : सांबशिव राव

सन्ना बिय्यम व राजीव युवा विकासम से लाखों को लाभ

मुख्यमंत्री का लक्ष्य तिमाही निगरानी और समय पर फंड रिलीज करके इस मुद्दे से निपटना है। दो प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ – सन्ना बिय्यम और राजीव युवा विकासम – भी पहली तिमाही में शुरू की जाएंगी, जिससे राज्य भर में लाखों लोगों को राहत मिलेगा। 30 मार्च को रेवंत रेड्डी सन्ना बिय्यम योजना शुरू करेंगे, जो बीआरएस शासन के दौरान दिए जाने वाले मोटे चावल (डोड्डू बिय्यम) की जगह लेगी। 1 अप्रैल से 3 करोड़ से अधिक लोगों या तेलंगाना की लगभग 84 प्रतिशत आबादी को हर महीने प्रति व्यक्ति 6 किलो बढ़िया गुणवत्ता वाला चावल मुफ्त मिलेगा।

स्वतंत्र भारत में खाद्य सुरक्षा की अब तक की सबसे बड़ी पहल के रूप में वर्णित इस योजना का उद्देश्य पीडीएस चावल की हेराफेरी और कालाबाजारी को रोकना है, जिसके बारे में अधिकारियों का अनुमान है कि पिछली बीआरएस व्यवस्था के तहत हर साल 7,000-8,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। राजीव युवा विकास योजना बेरोजगार युवाओं को 50,000 रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक के स्वरोजगार अनुदान के साथ सहायता प्रदान करेगी।

ऑनलाइन आवेदन 4 अप्रैल तक खुले हैं और 6 अप्रैल से 31 मई के बीच 5 लाख लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। आवंटन पत्र 2 जून को तेलंगाना स्थापना दिवस पर वितरित किए जाएंगे। सरकार ने इस पहल के लिए 6,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं, जिसमें बैंक लिंकेज के माध्यम से अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button