मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सख्त निर्देश: वीआईपी मूवमेंट से जनता को न हो परेशानी

हैदराबाद, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य में अपनी और अन्य वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न होने देने के लिए पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके काफिले की आवाजाही के कारण लोगों को सड़कों पर लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ना चाहिए।
बुधवार को नई दिल्ली रवाना होते समय एयरपोर्ट मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने सी.वी. आनंद को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीआईपी काफिले की व्यवस्था के नाम पर आम यातायात को बाधित नहीं किया जाना चाहिए और विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों को अनावश्यक रूप से रोकने से बचना चाहिए।
अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर अहम दिशा-निर्देश जारी किए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ट्रैफिक प्रबंधन इस तरह किया जाए जिससे लोगों को न्यूनतम असुविधा हो। साथ ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद डीजीपी सी.वी. आनंद ने राज्यभर के सभी कमिश्नरेट्स के लॉ एंड ऑर्डर तथा ट्रैफिक पुलिस के एसआई और उससे ऊपर के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर अहम दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बार-बार जताई गई चिंता इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाती है और अधिकारियों को इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करना होगा।
आउटर रिंग रोड पर अवैध पार्किंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी
डीजीपी ने बताया कि राज्य में ट्रैफिक प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही अतिरिक्त डीजीपी के नेतृत्व में एक समर्पित ट्रैफिक ब्यूरो गठित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोकने के बजाय व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जाए और विशेष रूप से व्यस्त समय में वैकल्पिक मार्ग पहले से तैयार रखे जाएं। एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और मानसून को देखते हुए जलभराव रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने को भी कहा गया।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि आउटर रिंग रोड पर अवैध पार्किंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर, ट्रैफिक पुलिस, आईएसडब्ल्यू और सीएसडब्ल्यू इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में वी.सी. सज्जनार, एम. रमेश समेत राज्य के सभी पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री के निर्देशों को राज्य में ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक जनहितैषी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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