हॉलमार्क और शुद्धता को जाँचें उपभोक्ता : बीआईएस

विजयवाड़ा/हैदराबाद, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने अक्षय तृतीया पर आभूषण खरीदने वाले उपभोक्ताओं को सोना, चाँदी और हीरे के आभूषण खरीदते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। बीआईएस ने कहा है कि खरीददारी से पहले हॉलमार्क, शुद्धता और संबंधित जानकारी की जांच करना बेहद जरूरी है।
जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अक्षय तृतीया के अवसर पर हर साल देशभर में आभूषणों की खरीद बढ़ जाती है। इसे देखते हुए बीआईएस अधिकारियों ने बताया कि हॉलमार्क वाला आभूषण ही शुद्धता की सबसे विश्वसनीय पहचान है। भारत में वर्ष 2021 से सोने के आभूषणों पर हॉल मार्किंग अनिवार्य है। हर सोने के आभूषण पर बीआईएस का लोगो, शुद्धता का निशान (जैसे 22के916) और हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर होना चाहिए।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे खरीददारी से पहले एचयूआईडी नंबर को बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से अवश्य जांचें। वहीं, चांदी के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग अभी अनिवार्य नहीं है, लेकिन बीआईएस ने उपभोक्ताओं को 999 या 925 जैसे फाइननेस मार्क वाले हॉलमार्क आभूषण ही खरीदने की सलाह दी है।
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यह भी बताया गया है कि सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है, जिसमें 24 कैरेट शुद्ध सोना होता है, जबकि 22 कैरेट(916) आभूषणों के लिए सबसे सामान्य है। हॉलमार्किंग प्रक्रिया के दौरान यदि शुद्धता में निर्धारित सीमा से अधिक अंतर पाया जाता है, तो आभूषण को अस्वीकार कर दिया जाता है। हीरे के आभूषणों को लेकर भी बीआईएस ने नया मानक आईएस 19469:2025 लागू किया है, जिसके तहत प्राकृतिक, सिंथेटिक (लैब-ग्रोन), ट्रीटेड और नकली हीरों के बारे में स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य होगा। जागरूक उपभोक्ता ही धोखाधड़ी से बच सकते हैं और बाजार में विश्वास बनाए रख सकते हैं। संस्था ने जोर देकर कहा है कि हॉलमार्क केवल एक निशान नहीं, बल्कि शुद्धता और भरोसे की गारंटी है।
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