समग्र विकास के लिए क्यूर, प्योर और रेयर नीति : भट्टी विक्रमार्का
हैदराबाद, उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि एक ओर हैदराबाद शहर का विकास तेजी से हो रहा है, वहीं दूसरी ओर दूरदराज जिले से हैदराबाद आने वाले आर्थिक लाभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार के प्रतिष्ठात्मक तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन डाक्यूमेंट इस पद्धति को बदल देगा। हम विजन डाक्यूमेंट के क्यूर-प्योर-रेयर नीति के साथ राज्य के समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन डाक्यूमेंट हमारे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा तय करेगा।
विधानसभा में तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन डॉक्यूमेंट पर हुई चर्चा के दौरान उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं। ऐतिहासिक रूप से हमारे राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्ष 1991 के बाद से हर दशक में दोगुना होता गया है। आज हम 200 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अगर हम कुछ नहीं करते हुए यथास्थिति बनाए रखते हैं, तो 2047 तक केवल 1.2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएँगे।
यह सम्मानजनक लगता है, लेकिन यह राज्य के हर किसान, हर दलित, हर आदिवासी और हर महिला को विकास की राह पर ले जाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट उस 1.2 ट्रिलियन डॉलर के स्वाभाविक विकास और 3 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य के बीच की खाई को पूरा करने के लिए आवश्यक नीतियों को रेखांकित करता है। हमने अपने लिए एक कठिन लक्ष्य निर्धारित किया है कि निवेश दर को 52 प्रतिशत तक बढ़ाना है। इसके लिए हमें पूँजी-नियंत्रित करने वाले राज्य से पूँजी उत्प्रेरक राज्य में बदलना होगा।
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भारत फ्यूचर सिटी में एआई सिटी और हेल्थ सिटी का निर्माण
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन डॉक्यूमेंट के तहत राज्य को तीन भागों क्यूर, प्योर और रेयर के रूप में विभाजित किया गया है। मुख्य शहरी क्षेत्र अर्थव्यवस्था (क्यूर) यानी ओआरआर के भीतर हम एक नेट जीरो सेवा आधारित महानगर का निर्माण करेंगे। यहाँ 30 हजार एकड़ में फैली शानदार भारत फ्यूचर सिटी आएगी, जिसमें एआई सिटी और हेल्थ सिटी शामिल होंगी। पेरी-अर्बन रीजन इकोनॉमी (प्योर) ओआरआर और रीजनल रिंग रोड के बीच आएगा।
यहाँ विनिर्माण, विभिन्न कारखाने, लॉजिस्टिक हब आएँगे। यहाँ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। ग्रामीण कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था (रेयर) क्षेत्रीय रिंग रोड से लेकर राज्य की सीमाओं तक हम कृषि आधारित एक उच्च मूल्य की जैव-अर्थव्यवस्था को विकसित करेंगे। यहाँ खाद्य प्रसंस्करण और पर्यावरण-पर्यटन क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं के पास विशेष कौशल नहीं है।
इस दिशा में यह डॉक्यूमेंट एक आमूलचूल बदलाव का प्रस्ताव करता है, जिसमें यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ जर्मन ड्यूयल-सिस्टम ऑफ अप्रेंटिसशिप को अपनाया जाएगा। इसके तहत छात्रों को कक्षा में बैठने के अलावा 3 से 4 दिन तक शॉप फ्लोर पर काम करना पड़ेगा। छात्रों को 1 से 2 दिन तक कक्षा में समय बिताना होगा। डॉक्यूमेंट का एक और मुख्य उद्देश्य एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाना है। हम न केवल स्वयं सहायता समूहों को ऋण दे रहे है, बल्कि इन समूहों को कॉर्पोरेट निकायों के रूप में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम विजन डॉक्यूमेंट पर सदन के सभी पक्षों के सदस्यों से सुझाव और सलाह को स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कहना है कि वर्ष 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को हासिल करना संभव नहीं है।
उप-मुख्यमंत्री ने 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य बताया
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हम असंभव को संभव बनाते हैं। 2047 तक राज्य को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने के लिए ही विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है। हम बड़े पैमाने पर स्टार्टअपों को बढ़ावा दे रहे हैं। हम यह सब राज्य की जनता की भलाई के लिए कर रहे हैं। सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य में सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। राज्य में कानून व्यवस्था अच्छी है।
राज्य में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। मौसम भी बहुत अच्छा है। उप-मुख्यमंत्री ने हैदराबाद औद्योगिक भूमि रूपांतरण (हिल्ट) नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदूषण कारक उद्योगों को शहर से ओआरआर के बाहर भेजा जा रहा है। शहर में स्थित 21 औद्योगिक पार्कों को शहर से बाहर भेजा जाएगा। इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रेनेज वाटर शुद्धिकरण के लिए बड़े पैमाने पर एसटीपी की स्थापना की जा रही है।
शहर को विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों से बचाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि सरकार 2014 से लेकर अब तक के औद्योगिक भूमि से जुड़े मामलों में विपक्ष की माँग पर किसी भी जाँच का आदेश देने के लिए तैयार है। तत्पश्चात आईटी एवं उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने बताया कि विपक्षी पार्टियों और जनता के समर्थन से सरकार हिल्ट नीति को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक भूमियों से संबंधित शिकायतों पर जाँच करवाकर सच्चाई जनता के सामने रखेंगे। हिल्ट नीति और विजन डॉक्यूमेंट पर हुई लंबी चर्चा पर उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का और मंत्री श्रीधर बाबू द्वारा जवाब दिये जाने के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
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