इंडियाजॉय में देसी टून्स प्रदर्शित करेगा भारतीय एनीमेशन का जलवा
हैदराबाद, इंडियाजॉय का 8 वां संस्करण आगामी 1 नवंबर से हाईटेक सीटी स्थित एचआईसीसी में आयोजित किया जाएगा। तेलंगाना सरकार के सहयोग से आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य आकर्षण एनीमेशन कानक्लेव देसी टून्स होगा। जिसमें प्रमुख भारतीय एनिमेशन, वीएफएक्स, फिल्म निर्देशक, वक्ता और मनोरंजन क्षेत्र के प्रमुख लोग शामिल होंगे।
प्रेस विज्ञप्ति द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रचनात्मक अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने वाला इंडियाजॉय 2025, एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में रचनात्मकता, नवाचार और तकनीक के संगम के साथ रोमांचक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत करेगा। साथ ही रचनाकारों, पेशेवरों और निवेशकों के लिए जुड़ने, सहयोग करने और नवाचार करने हेतु एक वैश्विक मंच भी प्रदान करेगा। इस वर्ष के संस्करण के सबसे प्रतीक्षित आकर्षणों में से एक देसी टून्स 2025 है, जो भारत के सबसे प्रिय पात्र छोटा भीम के निर्माण में अग्रणी स्टूडियो, ग्रीन गोल्ड एनिमेशन द्वारा आयोजित एक एनिमेशन सम्मेलन होगा, जिसे 1 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मास्टरक्लास, पैनल चर्चा और इंटरैक्टिव सत्र होंगे, इनमें शीर्ष सरकारी अधिकारी, रचनात्मक नेता और उद्योग जगत प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। साथ ही भारतीय एनिमेशन के पावर प्लेयर्स ऑफ इंडियन एनीमेशन: स्टोरीज़ बिहाइंड द नेम्स, क्वाइट स्टोरीज़, पावरफुल इम्पैक्ट और एवीजीसी क्षेत्र को बढ़ावा देने में राज्य और केंद्र सरकार की भूमिका आदि जैसे सत्र शामिल होंगे।
ग्रीन गोल्ड एनिमेशन के संस्थापक और सीईओ राजीव चिलका ने संदर्भ कहा कि देसी टून्स का मानना है कि भारतीय कहानियां वैश्विक मंच की हक़दार हैं। इस मंच के माध्यम से हमारा लक्ष्य सांस्कृतिक प्रामाणिकता की शक्ति को प्रदर्शित करना है कि कैसे हमारी विरासत से उपजी कहानियां कल्पना, जुनून और तकनीक के साथ कही जाने पर दुनिया भर के दर्शकों से जुड़ सकती हैं। हमारा लक्ष्य ऐसे सहयोग और विचारों को जन्म देना है, जो भारतीय एनिमेशन के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित कर सकें। इसके साथ ही देसी टून्स उद्योग विशेषज्ञों, कलाकारों, छात्रों और एनीमेशन प्रेमियों के लिए एक ऐसा मंच बनेगा जहाँ वे भारत के जीवंत ऐवीजीसी इकोसिस्टम को समझ सकेंगे और उन कहानीकारों से जुड़ सकेंगे जो भारत के रचनात्मक भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।
इंडियाजॉय के माधव रेड्डी यथाम ने कहा कि देसी टून्स को इंडियाजॉय के हिस्से के रूप में देखकर हर्ष का अनुभव हो रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत के रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देना है। इसके साथ-साथ हमारा उद्देश्य परपस्पर सहयोग से एक ऐसे मंच का निर्माण जारी रखना है जहां रचनाकार, निवेशक और नीति निर्माता भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने के लिए एक साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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