ईगल फोर्स पुलिस : तीन ड्रग्स तस्कर और दो उपभोक्ता गिरफ्तार

हैदराबाद, तेलंगाना की ईगल फोर्स पुलिस ने कुशाईगुड़ा और सरूरनगर पुलिस के साथ मिलकर सुंयक्त कार्रवाई के तहत दो अलग-अलग मामलों में तीन गांजा तस्करों और दो उपभोक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 15 ग्राम एमडीएमए ड्रग, 12 एलएसडी ब्लॉट्स (0.2 ग्राम) तथा चार सेलफोन जब्त किए।

ईगल फोर्स के निदेशक संदीप शांडिल्य ने यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि पहले मामले में कुशाईगुड़ा पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई के तहत दो ड्रग्स तस्करों और दो उपभोक्ताओं को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में हनुमानपेट, मलकाजगिरी निवासी उपभोक्ता व कॉलेज छात्र रितीश सुदर्शनम अरकिल्ला और उत्तम नगर, मलकाजगिरी निवासी निजीकर्मी डेनिस मार्टिन के अलावा उन्हें ड्रग्स की आपूर्ति करने वाले सैनिकपुरी, नेरेडमेट निवासी डीजे प्लेयर एम. सतीश कुमार और ए.एस. राव नगर, नेरेडमेट निवासी पांडा स्टीवेन्स को गिरफ्तार किया गया।

निदेशक ने बताया कि स्टीवेन्स ने स्वीकार किया कि वह सैनिकपुरी निवासी राहुल उर्फ टीका के पास से ड्रग्स खरीदता था। इस मामले में राहुल फरार है। जाँच के दौरान पता चला कि खरीदा गया ड्रग्स स्टीवेन्स कॉलेज छात्रों को बेच रहा था। उन्होंने बताया कि ड्रग्स का सेवन करने वालों को उनकी लत छुड़ाने के लिए डी एडिक्शन सेंटर भेजा जा रहा है।

यह भी पढ़ें… मेजर जनरल सुधीर बहल ने की बाढ़ प्रबंधन को लेकर जिलाधीशों से चर्चा

सरूरनगर में जूनियर कॉलेज मैदान के पास साई वर्षित गिरफ्तार

एक अन्य मामले में सरूरनगर पुलिस के साथ मिलकर जूनियर कॉलेज मैदान सरूरनगर के पास से ड्रग्स तस्कर बोइनपल्ली कृष्णा साईवर्षित उर्फ सन्नी (25) को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 15 ग्राम एमडीएमए ड्रग और एक सेलफोन जब्त किया गया। चेरुकुतोटा कॉलोनी, सरूरनगर निवासी साई वर्षित वर्ष 2018 के दौरान इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आईआईटी में भर्ती हुआ। इस दौरान उसे ड्रग्स सेवन की लत लग गई, जिसके चलते उसकी पढ़ाई अधूरी रह गई।

वर्ष 2023 के दौरान उसे एल.बी. नगर पुलिस ने गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद अपने भविष्य को लेकर मानसिक तनाव का शिकार वर्षित और अधिक ड्रग्स का सेवन करने लगा, जिस कारण अक्तूबर-2023 के दौरान उसके माता-पित ने उसे पुनर्वास केंद्र भेज दिया था। पुनर्वास केंद्र से लौटने के बाद साई वर्षित रोजगार की तलाश में बेंगलुरू चला गया और वहाँ फिर से एमडीएमए ड्रग का सेवन करने लगा।

उसका दोस्त जी. सुरेन्दर वर्मा बेंगलुरू आकर उसके पास से एमडीएमए ड्रग खरीदता था। सुरेन्दर को 1 अगस्त, 2024 को आबकारी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इधर बेंगलुरू में साई वर्षित का परिचय अफ्रीकन ड्रग्स सप्लायर मैरी उर्फ तमिया से हुआ। इस परिचय के बाद से साई वर्षित तमिया के पास से 1,500 रुपये प्रति ग्राम की दर से एमडीएमए ड्रग्स खरीदकर इसे हैदराबाद में 5 हजार से 6 हजार प्रति ग्राम की दर से बेच रहा था। व्हॉट्सऐप कॉल के जरिए वह तमिया को ऑर्डर देता था और क्यूआर कोड स्कैनर के जरिए वह ऑनलाइन स्तर पर भुगतान करता था। पैसे मिलने के बाद तमिया उसके बताए स्थान पर ड्रग्स का पार्सल भेजकर व्हॉट्सऐप के जरिए उसे डेड ड्रॉप के नाम से मैसेज भेजती थी।

कॉलर नेक पिलो से एमडीएमए ड्रग बरामद, कई आरोपी शामिल

साई वर्षित के पास से उसका दोस्त राघवेन्दर नियमित रूप से ड्रग्स खरीदता था। उसे और उसके दोस्तों को गत अगस्त माह में दोमलगुड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान राघवेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह साई वर्षित के पास से ड्रग्स खरीदता था। इसके बाद से साई वर्षित लापता हो गया।

उसके पास से गांजा खरीदने के लिए उसके केनारा बैंक खाते में पैसा जमा करते थे और दोमलगुड़ा मामले के बाद उसने बैंक खाते में पैसा जमा करने के बजाय यूपीआई के जरिए पैसे मंगा रहा था। इस मामले के बाद से साई वर्षित काफी सतर्कता बरत रहा था। वह तमिया के पास से एमडीएमए ड्रग सरूरनगर इंडोर स्टेडियम के निकट टेलीफोन के खम्भे के पास, ग्लोबल अस्पताल करमनघाट, अष्टलक्ष्मी मंदिर आर.के.पुरम, रेड क्रॉस गड्डीअन्नारम और पीएनटी कॉलोनी, उप्पल स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तथा बंड्लागुड़ा नागोल डी-मार्ट के पास एमडीएमए ड्रग का पार्सल मंगवाता था। गत 14 दिसंबर को उसने बेंगलुरू जाकर तमिया से संपर्क किया और 16 दिसंबर को तमिया ने केनगेरी एरिया मैसूर रोड बेंगलुरू के पास उसे एमडीएमए का पार्सल भेजा।

साई वर्षित को कल जूनियर कॉलेज मैदान सरूरनगर के पास से गिरफ्तार किया गया। उसने एमडीएमए ड्रग अपने कॉटन के कॉलर नेक पिलो में छुपा रखा था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तलाशी ली, लेकिन उसके पास से कुछ नहीं निकला। इसके बाद पुलिस की नजर उसकी कॉलर नेक पर पड़ी, जिसकी सिलाई उधड़ी हुई थी। इस संदेह के आधार पर कॉलर नेक की जाँच करने पर उसके भीतर छुपाकर रखा गया एमडीएमए ड्रग बरामद किया गया। इस मामले में उसके पास से ड्रग्स खरीदने वाले 13 ग्राहक, चार दोस्त जो पैसा वसूलने में उसकी मदद करते थे और जिन 8 लोगों के यूपीआई स्कैनर का साई वर्षित ने उपयोग किया, उन्हें भी आरोपी करार दिया गया।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button