अमरावती में जमीन देने वाले किसानों को प्रति एकड़ ₹40,000 सालाना मिलेगा

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अमरावती, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राजधानी अमरावती में भूमि संचयन योजना (एलपीएस) के दूसरे चरण के तहत अपनी जमीन देने वाले किसानों को एक दशक के लिए प्रति एकड़ 40,000 रुपये का पट्टा देने की घोषणा की है।शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पट्टे की राशि में प्रत्येक वर्ष 3,000 रुपये की बढ़ोतरी का भी आश्वासन दिया है। इसके अलावा, प्रत्येक परिवार को 1.5 लाख रुपये तक का फसल ऋण देने पर भी सहमति जताई गई है।

नगर प्रशासन मंत्री पी. नारायण ने 10 अप्रैल को बताया था कि कुल 31,150 किसानों ने लगभग 34,983 एकड़ जमीन दी है, जिसमें एलपीएस के तहत पेडापरिमी गांव के किसानों द्वारा दी गई 1,000 एकड़ जमीन भी शामिल है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “मुख्यमंत्री ने भूमि संचयन योजना के दूसरे चरण के तहत जमीन देने वाले किसानों के लिए पट्टे की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति एकड़ 40,000 रुपये दस वर्षों तक दिए जाएंगे।”

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भूमि देने वालों को वार्षिक सहायता

ताडिकोंडा और पेडाकुरपाडु विधानसभा क्षेत्रों के 10 गांवों के किसानों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। किसानों से प्राप्त जमीन सहित राज्य सरकार अमरावती में अब तक 54,000 एकड़ जमीन एकत्र कर चुकी है। इसके अतिरिक्त 40,000 एकड़ जमीन के लिए एलपीएस का दूसरा चरण पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिसकी शुरुआत नवंबर 2025 में सात गांवों की 16,666 एकड़ भूमि से हुई थी।

इससे पहले नारायण ने कहा था कि अमरावती के चारों ओर इनर रिंग रोड (आईआरआर), रेलवे स्टेशन, रेल लाइन और अंतरराष्ट्रीय खेल नगरी के निर्माण समेत विभिन्न परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त भूमि संचयन की आवश्यकता है। भूमि संचयन एक स्वैच्छिक शहरी विकास पद्धति है जिसमें भूस्वामी अपनी जमीनों को समेकित करते हैं, जिससे एक सरकारी एजेंसी को बुनियादी ढांचा (सड़कें, उपयोगिताएं) विकसित करने की अनुमति मिलती है। (भाषा )

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