गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का मार्ग चुना ताकि लोग गरिमा पूर्वक जिएँ : पवन कल्याण
नांदेड़, आंध्र-प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने रविवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ में पूज्य सिख गुरु के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित हिन्द दी चादर शहीदी समागम में कहा कि गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का मार्ग इसलिए चुना, ताकि लोग गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।
आंध्र-प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हाल ही में हुए हमलों का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा कि पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों का दर्द सभी को यह याद दिलाना चाहिए कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान केवल इतिहास का एक हिस्सा नहीं है, बल्कि एक चेतावनी भी है। कल्याण ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के रूप में हम केवल एक गुरु को ही नहीं, बल्कि उस चेतना को याद करते हैं, जिसने मानवता को धर्म की रक्षा करना सिखाया।
यह भी पढ़ें… मेडारम जातरा के लिए 369 विशेष बसों का संचालन करेगी टीजीएसआरटीसी
गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का मार्ग चुना, ताकि लोग गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। उन्होंने धर्म के लिए अपने प्राण त्याग दिए और इसीलिए उन्हें धर्म दी चादर, हिन्द दी चादर कहा जाता है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने संत नामदेव और गुरु तेग बहादुर की शिक्षाओं में समानताएँ बताईं। पवार ने बताया कि दोनों ने ही इस बात पर जोर दिया कि ईश्वर एक है। उन्होंने अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खड़े रहे। संत नामदेव की कई रचनाएँ गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं। (भाषा)
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



