भारत मृदा स्वास्थ्य नीति परामर्श कार्यशाला का किया गया आयोजन

हैदराबाद, आईसीएआर-केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीआरआईडीए), हैदराबाद द्वारा ट्रस्ट फॉर एडवांसमेंट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज ( टीएएएस), नई दिल्ली और डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन, हैदराबाद के साथ आईसीएआर-सीआरआईडीए में भारत मृदा स्वास्थ्य नीति पर परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यशाला में 110 से ज़्यादा अधिकारियों, आईसीएआर और राज्य की एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटीज़ समेत रिसर्चर्स और एकेडेमिया, एनजीओस, किसान प्रतिनिधियों, किसानों, इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों, फर्टिलाइज़र, बायोफर्टिलाइज़र, वॉटर मैनेजमेंट, बीज और दूसरे संबंधित सेक्टर्स के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सेशन के दौरान आईसीएआर-सीआरआईडीए के निदेशक डॉ. वी.के. सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए मिट्टी की हेल्थ की अहमियत के बारे में बताया।

आईसीएआर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट) डिवीज़न डॉ. ए.के. नायक ने भारत सॉइल हेल्थ पॉलिसी की शुरुआत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सॉइल हेल्थ फ्रेमवर्क बनाने पर ज़ोर दिया, जिसमें सॉइल मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क और सॉइल मैनेजमेंट फ्रेमवर्क शामिल हैं। साथ ही नेशनल और रीजनल लेवल पर कन्वर्जेंस मैकेनिज्म की अहमियत भी बताई। उन्होंने बनाए गए फ्रेमवर्क की मॉनिटरिंग के लिए ज़रूरी मिनिमम डेटासेट को फाइनल करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने ऐसे फ्रेमवर्क बनाने पर ज़ोर दिया, जो पॉलिसी को लागू करने के लिए आसान और असरदार होने चाहिए।

यह भी पढ़ें… कृषि अनुसंधान सचिव ने किया भाकृअनुप-भाश्रीअनुसं का दौरा

उद्घाटन सत्र में कृषि विशेषज्ञों की भागीदारी

डॉ. एम मोहंती, डायरेक्टर, आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑ़फ सॉइल साइंस भोपाल, डॉ. बी वेंकटेश्वरलू, पूर्व वाइस चांसलर, वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. ए.के. सिंह, एग्रीकल्चरल साइंटिस्ट रिक्रूटमेंट बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉ. बी.एस. द्विवेदी और श्री कोंडा लक्ष्मण तेलंगाना हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. डी. राजी रेड्डी ने उद्घाटन सत्र में भाग लिया।

उद्घाटन कार्यक्रम के पश्चात पैरेलल सेशन का आयोजन किया गया। वर्कशॉप के दौरान सॉइल हेल्थ चैलेंज, ट्रेडिशनल नॉलेज, इंसेंटिव, एक्सपेक्टेशंस, जारी योजनाओं के साथ अलाइनमेंट, रेगुलेटरी गैप्स, इंसेंटिव्स, साइंटिफिक प्रायोरिटीज, डेटा सिस्टम्स, सॉइल टैक्सोनॉमी, एसओएम थ्रेशोल्ड्स, सोल्यूशंस, इनोवेशन पाइपलाइन, स्केलिंग में रुकावटों पर अलग-अलग सेशन में चर्चा हुई।

कार्यशाला में सॉइल हेल्थ के लिए नेशनल स्टैंडर्ड्स, स्टेट-स्पेसिफिक एक्शन और लोकलाइज़्ड इम्प्लीमेंटेशन स्ट्रेटेजी बनाने के लिए एग्रो-इकोलॉजिकल ज़ोन और मिट्टी के प्रकारों के आधार पर रीजनल मेट्रिक्स और ज़रूरतों को शामिल किया गया। आईसीएआर-सीआरआईडीए के प्रिंसिपल साइंटिस्ट और कार्यशाला सह-संयोजक डॉ. के. श्रीनिवास के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button