बारिश में जिलाधीशों को सतर्क रहने के निर्देश : रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मौसम विभाग के जुलाई और अगस्त में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनज़र ज़िलाधीशों को सतर्क रहने और जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी एहतियाती क़दम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर दिन अलग-अलग जगहों पर उम्मीद से कहीं ज़्यादा भारी बारिश हो रही है। इसलिए बरसात के मौसम में सभी विभागों के अधिकारी ज़िलों में ही मौजूद रहें और सतर्क रहें।
ज़िलाधीशों को मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले बारिश के पूर्वानुमान की जानकारी सभी गाँवों तक तुरंत पहुँचाने के लिए आवश्यक क़दम उठाना चाहिए। उन्होंने आज सचिवालय से जिलाधीशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। इस अवसर पर रेवंत रेड्डी ने कहा कि जून से लेकर अब तक राज्य में 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण जीएचएमसी की परिधि में यातायात की समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
वर्षा जल जमा होने वाले जगहों पर दुर्घटनाएँ भी हो रही हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को और अधिक कुशलता से काम करना चाहिए। जीएचएमसी के अलावा पुलिस, यातायात, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और हैद्रा के अंतर्गत 150 टीमों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तुरंत मैदान में उतरना चाहिए। कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारी भी सीधे क्षेत्र स्तर पर उपलब्ध रहकर समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करें।
वर्षा आपदा प्रबंधन में विभागों को सतर्क रहने के निर्देश
हैदराबाद शहर में पुलिस आयुक्तों के साथ-साथ सभी विभागों के उच्च अधिकारी और जिलाधीश जिम्मेदारी से कार्य करें। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने आदेश दिया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कमांड कंट्रोल रूम से समन्वय किया जाए। सीएम ने आगे कहा कि ज़िलों में बारिश के कारण किसी भी तरह के जान-माल के ऩुकसान को रोकने के लिए एहतियात बरती जानी चिहए।




कुछ जगहों पर बिजली गिरने से मौत होने की जानकारी आ रही है। ऐसे विवरण भी दर्ज किए जाने चाहिए। प्रभावित परिवारों को सरकार से सहायता प्रदान करने के लिए यह जानकारी उपयोगी होगी। उन्होंने आदेश दिया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग बरसात के मौसम में डेंगू के साथ-साथ मौसमी ज्वर और संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए तैयार रहे। आदिवासी क्षेत्रों और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर हमेशा उपलब्ध रहें। पशु चिकित्सा विभाग पशुधन के संबंध में सतर्क रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिलाधीश के खाते में तत्काल एक करोड़ की आपातकालीन निधि जारी की जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत व पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने जिलों में सिंचाई परियोजनाओं तथा तालाबों में जल स्तर पर लगातार नज़र रखने के आदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्षा के अनुसार जल उपयोग योजना तैयार की जानी चाहिए।
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सिंचाई, यूरिया आपूर्ति और राशन पर सीएम के निर्देश
बाढ़ जल का बहाव के चलते जलाशयों, तालाबों, नहरों में दरार होने के ख़तरे से बचाने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाया जाएँ। रेवंत ने बताया कि कृष्णा बेसिन में कुछ परियोजनाओं के तहत सिंचाई जल छोड़ना शुरू हो चुका है। नागार्जुन सागर से भी पानी जल्द ही छोड़ा जाएगा। उन्होंने जिलाधीशों को यूरिया की कृत्रिम कमी के दुष्प्रचार पर रोक लगाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त यूरिया उपलब्ध है। किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
अगस्त का कोटा भी जल्द ही राज्य को आपूर्ति कर दिया जाएगा। उन्होंने आदेश दिया कि यदि यूरिया का उपयोग कृषि के अलावा अन्य कार्यों में किया जाता है तो सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने नए राशन कार्डों के वितरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राशन कार्ड जारी करना एक सतत प्रक्रिया है। गरीब लोगों को खाद्य सुरक्षा के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आगामी 25 जुलाई से 10 अगस्त तक सभी मंडल केंद्रों में राशन कार्ड वितरण करने के आदेश दिया।
इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, दामोदर राज नरसिम्हा, श्रीधर बाबू, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, कोमटीरेड्डी वेंकट रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर, विवेक, श्रीहरि, सीतक्का, सीएम के सलाहकार वेम नरेंदर रेड्डी और उच्च अधिकारियों ने भाग लिया। कोत्तागुडेम से डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का और खम्मम से मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने भी इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
जीओ 49 निलंबित
कोमरम भीम संरक्षण अभ्यारण्य की स्थापना के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए जीओ 49 के खिलाफ आदिवासियों की शंकाओं और विरोध के मद्देनजर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को इस जीओ को निलंबित करने का आदेश दिया है। आदिवासियों को लगता है कि सरकार ने उन्हें जंगलों से दूर रखने के लिए कोमरम भीम बाघ संरक्षण गलियारे की स्थापना के लिए यह जीओ जारी किया है।
इस पृष्ठभूमि में वहां के आदिवासियों ने सरकारी आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू कर दिया है। इसके मद्देनजर सरकार ने इस जीओ के क्रियान्वयन को निलंबित करने का निर्णय किया है। उक्त जीओ को निलंबित करने के निर्णय पर मंत्री सीतक्का, विधायक वेड्मा बोज्जू और आदिवासी संघों के नेताओं ने हर्ष जतया। उन्होंने सचिवालय में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की और आदिवासियों की शंकाओं और विरोध के मद्देनजर सरकारी आदेश 49 को निलंबित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने 30 मई को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य में कवाल बाघ आरक्षित क्षेत्र को महाराष्ट्र में ताडोबा-अंधारी बाघ आरक्षित क्षेत्र से जोड़ने वाले बाघ गलियारा क्षेत्र को कोमरम भीम संरक्षण अभ्यारण्य घोषित करते हुए आदेश जारी किया था।
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