मानवीय-नैतिक मूल्य बढ़ाना जरूरी: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा
हैदराबाद, राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि आधुनिक युग में गिरते मानवीय और नैतिक मूल्यों को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने सनातन धर्म, पुराण, महापुरुष और बौद्धिक संपदा को भावी पीढ़ी तक पहुँचाकर सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से अधिक शक्तिशाली भारत के निर्माण की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
आज यहाँ दुलापल्ली स्थित डीआरएस इंटरनेशनल स्कूल प्रांगण में इस्कॉन कुकटपल्ली द्वारा आयोजित गीता संस्कार ग्रीष्मकालीन शिविर का उद्घाटन करने के बाद राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि वर्तमान में भगवत गीता के संदेशों को जीवन व समाज में अपनाने की आवश्यकता है, क्योंकि हर समस्या का समाधान भगवत गीता में है। नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कार की बहुत ही आवश्यकता है।
बचपन से ही बच्चों में यह संस्कार डाले जा सकते हैं, क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं और इसी उम्र में उनको सही दिशा देकर संस्कार व नैतिक मूल्यों की दिशा में मोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भगवत गीता सबसे बड़ा ज्ञान का खजाना है। जिसके द्वारा मानव कल्याण होता है, वह लाइट हाउस की तरह लोगों के जीवन के अंधकार को दूर कर प्रकाश की ओर ले जाती है, जीवन की समस्याओं का समाधान करती है। देश की मजबूती प्राप्त संस्कार व नैतिक मूल्यों पर निर्भर है।
यह भी पढ़ें… राज्यपाल ने दिखाई जयभीम रैली पदयात्रा को हरी झंडी
इस्कॉन शिविर से बच्चों में आएगा जीवन परिवर्तन
इस्कॉन के संस्थापक श्रीला प्रभुपादजी ने इस्कॉन के माध्यम से दुनिया को बताया कि भागवत गीता और हरे कृष्णा महामंत्र की महिमा क्या है। भगवत गीता जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाती है। छोटे बच्चे अभी नहीं समझते, पर जब वह श्लोकों को बोलेंगे, समझेंगे, तो उनका जीवन बदलेगा। बच्चों को भगवत गीता के श्लोक पढ़ाएँ व समझाएँ। आज वह सीखेंगे, तो कल उनके भविष्य में काम आएँगे।
इस्कॉन का ग्रीष्मकालीन शिविर बच्चों के जीवन में बदलाव लाएगा। राज्यपाल ने दावा किया कि भगवद गीता दुनिया की सभी समस्याओं का एकमात्र उत्तर है। भगवत गीता के श्लोक मानव जीवन के लिए दिशा-निर्देश हैं। इसका नियमित अभ्यास कर कोई भी सफल जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे भारत के भावी नागरिक हैं।
वह बचपन से मानवीय और नैतिक मूल्यों को सीखकर भविष्य में बेहतर भारत का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवावस्था में जो कुछ भी वह सीखते हैं, उसी के आधार पर उनकी जीवन यात्रा आगे बढ़ती है। व्यक्ति को जब तक जीवन है, तब तक अच्छी चीजें सीखनी चाहिए। इस्कॉन कम्युनिकेशन के चेयरमैन युधिष्ठिर गोविंद प्रभु ने कहा कि दुनिया में कोई व्यक्ति चाहे कितनी भी संपत्ति जमा कर ले और चाहे कितनी भी तरक्की और विलासितापूर्ण जिंदगी जी ले, लेकिन मन को शांति नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि इस्कॉन का उद्देश्य लोगों के जीवन में बदलाव लाना है और इस तरह मानवीय और नैतिक मूल्यों के साथ एक शक्तिशाली भारत का निर्माण करना है। उन्होंने दावा किया कि यह बदलाव केवल भगवत गीता से संभव है, जो सभी समस्याओं का समाधान प्रदान करती है। डीआरएस इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक अंजनी कुमार अग्रवाल ने कहा कि अबसे उनके स्कूल में हर सुबह प्रार्थना के समय भगवद गीता की शिक्षा पढ़ाई जाएगी।
गीता शिविर में बच्चों ने दिखाया कला और संस्कार
उन्होंने कहा कि डीआरएस और एडीफाई स्कूलों में करीब 35 हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। उनका उद्देश्य सभी बच्चों को मानवीय और नैतिक मूल्यों वाला नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि डीआरएस स्कूलों से पढ़कर कई आईएएस अधिकारी, विधायक, बड़े व्यवसायी और पेशेवर लोग प्रसिद्ध हो चुके हैं। इस्कॉन कुकटपल्ली शाखा अध्यक्ष महाश्रृंगदासजी ने कहा कि भगवद गीता के पाठ के माध्यम से वह लोगों में वैदिक संस्कृति, मानसिक शांति और साहस का प्रचार कर रहे हैं।
राज्यपाल ने भगवद गीता के श्लोकों के उच्चारण में प्रतिभा दिखाने वाले बच्चों को बधाई देते हुए पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि डीआरएस का इस्कॉन आभार व्यक्त करता है, जहाँ 9 दिवसीय शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर 6 मई तक जारी रहेगा। इसमें 6 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे भाग ले रहे हैं। इस्कॉन कुकटपल्ली 35 वर्षों से इन शिविरों का आयोजन कर रहा है। हम मानवीय मूल्यों और वैदिक संस्कारों जैसे सम्मान, पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली, पारिवारिक मूल्यों, जीवन कौशल विकसित करना, तैराकी, चित्रकारी, संस्कृति, संस्कृत श्लोक, योग, पारंपरिक नृत्य, गायन आदि का प्रशिक्षण देते हैं।
गीता शिविर के दौरान बच्चे अपने आयु वर्ग के बच्चों के साथ संवादात्मक तरीके से पारस्परिक मंत्रोच्चार, कीर्तन, भजन, नाटक, संगीत वाद्ययंत्र, कहानियाँ आदि के माध्यम से भगवद गीता का संदेश सीखेंगे।
ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में बच्चों द्वारा प्रस्तुत भगवत गीता के श्लोकों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। भगवत गीता के पाठ पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने दर्शकों का मनोरंजन किया। अवसर पर अग्रवाल समाज ने ग्रीष्मकालीन शिविर में सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन अग्रवाल समाज के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम अग्रवाल एवं महाश्रृंगदासजी महाराज ने किया। अवसर पर सेवा के लिए पुरस्कार प्रदान किये गये। कार्यक्रम में क्लासिक गार्डन के प्रवीण अग्रवाल सहित अन्य उपस्थित थे।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



