जस्टिस राधा रानी को दी गई विदाई
हैदराबाद, उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस जी. राधा रानी के आज सेवानिवृत्त होने पर उन्हें अदालत परिसर के फस्ट कोर्ट हॉल में उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुजय पाल की अध्यक्षता में विदाई दी गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस सुजय पाल ने न्यायाधीश के रूप में जस्टिस जी. राधा रानी द्वारा दी गई सेवाओं को याद किया।
महाधिवक्ता सुदर्शन रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि जस्टिस राधा रानी ने 675 दिन में 5,375 मुख्य मामले और 6,818 अन्य मामलों की सफलतापूर्वक सुनवाई कर फैसला दिया। अपने संबोधन में राधा रानी ने कहा कि वे अपने परिवार में उच्च शिक्षा हासिल कर न्यायाधीश बनने वाली पहली सदस्य है। उन्होंने बताया कि कानून कोई न्याय सूत्र नहीं, बल्कि समाज की आत्मा के समान है। वे कानून को इसी तर्ज पर मान्यता देती है।
कार्यक्रम में न्यायाधीश, अदालत के कर्मचारी, अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल नरसिम्हा शर्मा, जन अधिवक्ता पल्ले नागेश्वर राव, बार काउंसिल के चेयरमैन नरसिम्हा रेड्डी, डिप्टी सॉलिसीटर जनरल जी. प्रवीण कुमार, अतिरिक्त महाधिवक्ता इमरान खान, तेरा रजनीकांत रेड्डी, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जगन और जस्टिस राधा रानी के परिजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के पश्चात उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ की ओर से भी राधा रानी का सम्मान किया गया।
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तेनाली आंध्र-प्रदेश निवासी राधा रानी अधिवक्ता बनने के बाद कुछ दिन प्रैक्टिस की और ज़िला सत्र न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति की गई। इस पद पर उन्होंने आंध्र-प्रदेश और तेलंगाना में कार्य किया। इसके बाद नलगोंडा प्रधान ज़िला न्यायाधीश, हैदराबाद मेट्रो पॉलिटन सत्र न्यायाधीश, हैदराबाद वैट अपीलेट ट्रिब्यूनल चेयरमैन, रंगारेड्डी ज़िला, प्रधान न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। 16 अक्तूबर, 2021 को वह उच्च न्यायालय की न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुई।
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