केसीआर और केटीआर म्युनिसिपालिटी चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेंगे
हैदराबाद, राज्य में होने वाले म्युनिसिपालिटी चुनाव के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही भारत राष्ट्र समिति (भारास) ने लोकल इशु-लोकल लीडर की नीति अपनाते हुए इस बार प्रत्याशियों के चयन से लेकर चुनाव प्रचार तक का जिम्मा स्थानीयों के हवाले कर दिया है। इसी नीति के चलते मुख्य विपक्षी नेता के. चंद्रशेखर राव व भारास कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने म्युनिसिपालिटी चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है।
तेलंगाना भवन, भारास मुख्यालय में मीडिया के साथ औपचारिक बातचीत में केटीआर ने म्युनिसिपल चुनाव आदि विषयों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस चुनाव में जनता स्थानीय समस्याओं के आधार पर ही वोट करती है। राज्य स्तरीय मुद्दों का कोई महत्व नहीं होता है, इसलिए स्थानीय नेताओं को ही चुनावी जिम्मेदारियाँ सौंपी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में स्थानीय नेता प्रत्याशियों का चयन करेंगे। सर्वेक्षण जारी है, इसी आधार पर प्रत्याशियों का चयन होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव को बीआरएस पूरी गंभीरता से ले रही है, उसी प्रकार तैयारियाँ की गई हैं।
बीआरएस इस मुद्दे को म्युनिसिपालिटी चुनाव प्रचार में शामिल करेगी
पंचायतराज चुनाव में भारास समर्थित 40 प्रतिशत प्रत्याशियों ने विजय प्राप्त की है। इस बार म्युनिसिपालिटी चुनाव में भी पार्टी अत्यधिक सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि बीआरएस म्युनिसिपालिटी स्तर पर प्रभारियों को नियुक्त कर रही है, जिन जिलों में चुनाव नहीं हैं, उन जनप्रतिनिधियों को प्रभारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक या दो दिनों में प्रभारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के भीतर म्युनिसिपालिटी चुनाव संपन्न हो जाएँगे।
केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा जिलों का पुनर्विभाजन किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय जनता जिलों के पुनर्विभाजन को लेकर चिंतित है, क्योंकि उन्हें डर है कि पूर्व केसीआर ने जिस प्रकार स्थानीयों की सुविधा को देखकर जिलों का गठन किया था, उनसे वह छिन जाएँगे। उन्होंने जनगाम, नारायणपेट, वनपर्ती, सिद्दीपेट, सिरसिल्ला, निर्मल, विकाराबाद, मंचीरियाल जिलों का नाम लिया और कहा कि यहाँ की जनता जिलों के पुनर्विभाजन को लेकर चिंतित है। बीआरएस इस मुद्दे को चुनाव प्रचार का हिस्सा अवश्य बनाएगी।
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सिकंदाराबाद जिला बनाने की माँग पर जवाब दें सीएम
केटीआर ने नए सिकंदराबाद जिले के गठन को लेकर स्थानीय जनता की माँग का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जवाब दें। बीआरएस के सत्ता में रहते सिकंदराबाद जिले की माँग कर रहे आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किए जाने संबंधी आरोप को लेकर पूछे गए प्रश्न पर केटीआर ने कहा कि उस समय हैदराबाद नगर निगम एक ही था, तब सिकंदराबाद की माँग नहीं थी, तो प्रताड़ित किए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। उन्होंने कहा कि जिस शहर का फ्यूचर नहीं है उस फ्यूचर सिटी के लिए नगरद्वय (ट्विन सिटी) का अस्तित्व समाप्त करने पर मुख्यमंत्री तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि नैनी कोल ब्लाक घोटाले पर मुख्यमंत्री सीबीआई जाँच कराने की माँग कर सकते हैं।
दावोस दौरे के दौरान ग्रीनको कंपनी के साथ निवेश को लेकर चर्चा किए जाने का उल्लेख किया और कहा कि फार्मूला ई-कार रेस मामले में जो ग्रीनको कंपनी दोषी दिखाई दे रही थी, वह कैसे दावोस में मुख्यमंत्री के लिए उत्तम निवेशक दिखाई दे रही है। यह दोहरी नीति नहीं तो और क्या है?
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