ऑपरेशन सिंदूर : मिशन सफल

नई दिल्ली, पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई सैन्य कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुँचाया और उसके नवीनतम प्रौद्योगिकी से लैस लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया। इतना ही नहीं, राजधानी इस्लामाबाद के निकट स्थित प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुँचाया। सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि संघर्ष में 35-40 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और नई दिल्ली ने अपने वांछित लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर
पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर

सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के वरिष् सैन्य अधिकारियों ने प्रेस वार्ता में ऑपरेशन सिंदूर का विवरण दिया, जिसमें बताया गया कि किस प्रकार भारत ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने के पाकिस्तानी मंसूबों को नाकाम कर किया। एक सवाल के जवाब में एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि भारत ने निश्चित रूप से कुछ पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया है, लेकिन उन्होंने संख्या के बारे में कोई अनुमान लगाने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि उनके (पाकिस्तान) विमानों को हमारी सीमा के अंदर घुसने से रोक दिया गया। इसलिए हमारे पास मलबा तो नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से हमने कुछ विमानों को मार गिराया है। एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई ठिकानों पर हमले किए।

ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की कार्रवाई और सम्मान

उन्होंने भारत के सैन्य अभियानों के असर की विस्तृत वीडियो भी दिखाई। सेना ने पसरूर एयर डिफेंस रडार, चुनियन एयर डिफेंस रडार, आरिफवाला एयर डिफेंस रडार, सरगोधा एयरफील्ड, रहमियार खान एयरफील्ड, कलाला एयरफील्ड (नूर खान), सुक्कुर एयरफील्ड, भोलारी एयरफील्ड तथा जैकोबाबाद एयरफील्ड को निशाना बनाया।

भारतीय लड़ाकू विमानों को हुए नुकसान के बारे में विदेशी मीडिया में आई खबरों के बारे में पूछे जाने पर एयर मार्शल भारती ने कहा कि हम लड़ाई की स्थिति में हैं और नुकसान लड़ाई का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मैं केवल इतना कह सकता हूँ कि हमने जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, वे हासिल कर लिए हैं और हमारे सभी पायलट सुरक्षित रूप से घर वापस आ गए हैं।

डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल घई ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से अपनी जान गंवाने वाले पाँच भारतीय नायकों और नागरिकों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हमने अब तक काफी संयम बरता है और हमारी कार्रवाई केंद्रित, नपी-तुली और तनाव को बढ़ावा नहीं देने वाली रही है। हालाँकि, हमारे नागरिकों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का निर्णायक ढंग से पूरी ताकत से मुकाबला किया जाएगा।

यह भी पढ़ें… सटीकता के साथ अंजाम दिया गया ऑपरेशन सिंदूर’ : भारतीय वायुसेना

पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर का प्रहार

पाकिस्तानी सेना को हुए नुकसान के बारे में डीजीएमओ ने कहा कि 35-40 सैन्यकर्मियों के मारे जाने की खबर है। डीजीएमओ ने कहा कि पाकिस्तान के उनके समकक्ष ने कल दोपहर उन्हें फोन करके संघर्ष रोकने का रास्ता निकालने का अनुरोध किया था। शनिवार दोपहर दोनों डीजीएमओ ने भारतीय समयानुसार शाम पाँच बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति व्यक्त की थी।

भारतीय सेना ने कहा कि पाकिस्तान के डीजीएमओ का यह फोन भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शनिवार सुबह रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियन समेत कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भीषण जवाबी हमला करने के बाद आया था। ये हमले 9-10 मई की रात को पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रमुख भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के प्रयास के बाद किये गये थे।

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि आईसी 814 के अपहरण और पुलवामा विस्फोट में शामिल यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद समेत 100 से अधिक आतंकवादियों को सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मार गिराया गया। उन्होंने कहा कि सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के बाद नौ आतंकवादी ठिकानों की पहचान की गई और उन पर सटीक हथियारों से हमला किया गया। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए छह मई को आधी रात के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था।(भाषा)

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button