सिंगरेणी निदेशक के खिलाफ याचिका रद्द
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सिंगरेणी कॉलरीज के निदेशक एन. बलराम की नियुक्ति को चुनौती देते हुए दायर याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने इस पद के लिए प्रतिस्पर्धी न होने और सेवा में भी न रहते हुए याचिका दायर करने को अनुचित करार दिया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को निदेशक पद को चुनौती देने की योग्यता नहीं है। इस प्रकार अदालत का समय व्यर्थ करने के कारण याचिकाकर्ता को 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस नामावरपु राजेश्वर राव ने अपना फैसला सुनाया।
सिंगरेणी कॉलरीज कंपनी लिमिटेड के निदेशक व प्रभारी सीएमडी के पद पर कार्यरत एन. बलराम को अयोग्य बताते हुए भद्राद्रि कोत्तागुड़ेम ज़िला निवासी जी.के. संपत कुमार ने व्यक्तिगत स्तर पर याचिका दायर की। सिंगरेणी कॉलरीज की ओर से अधिवक्ता श्रीहर्षा रेड्डी ने दलील देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता पहले सिंगरेणी कॉलरीस में कार्य किया और उसे नौकरी से हटा दिया गया था।
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इसके पहले भी याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और उस समय अदालत ने उसके खिलाफ 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इस कारण ही याचिकाकर्ता को नौकरी से हटा दिया गया था। याचिकाकर्ता के खिलाफ वर्तमान समय तक 18 मामले हैं और पिछली बार उसने अदालत के आदेश पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी भरा था। दलील सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने कहा कि दायर याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
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